मां हमें भारत की बेटी बनकर जीने दो रश्मों रिवाज की जंजीर तोड़कर आगे बढ़ने दो लाचार बनकर अब हमें[...]
Author: Dr Snehlata Dwivedi
रामपाल प्रसाद सिंह – वंदनवार सजे शारदारामपाल प्रसाद सिंह – वंदनवार सजे शारदा
वंदनवार सजे शारदा चतुर्थ दिन छाया शुभ जग में,कुष्मांडा तेरी जय हो। नर-नारी निर्भय नाचत है,हृदय-सिंधु पावनमय हो।। लीला तेरी[...]
चरण वंदना कुर्म: – राम किशोर पाठकचरण वंदना कुर्म: – राम किशोर पाठक
चरण वंदना कुर्म: मातृ रूपम् दृशद सर्व: मे चरण वंदना कुर्म: जगत जननी गृहे अद्य निराकारा प्रकट अद्य शरद काले[...]
जय मां कूष्मांडा -डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्याजय मां कूष्मांडा -डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या
जय माँ कुष्मांडा🙏🌹 पुष्पों सी है मुस्कान तेरी, माँ ईषत हास्य से जग जननी। ब्रम्हाण्ड के उद्भव शान तेरी, तू[...]
मां चंद्रघंटा -डॉ स्नेहलता द्विवेदीमां चंद्रघंटा -डॉ स्नेहलता द्विवेदी
माँ चंद्रघंटा 🌹🙏 अनंत ज्योति जगमग दृग अंगा, स्वर्ण बदन सुवर्ण सुनंदा। शोभे अर्धचन्द्र अतिरंगा, सुयश सुवासित मातु आनंदा। दश[...]
वंदनवार -रामपाल प्रसाद सिंहवंदनवार -रामपाल प्रसाद सिंह
वंदनवार सजे शारदा प्रदीप छंद चंद्रघंटा प्रथम शैलजा स्वागत सर्वत:,ब्रह्मचारिणी नाम का। रूप तृतीया सौरभ छाया,दिव्य लोक सुरधाम का।। शक्तिपुंज[...]
छंद -रामपाल प्रसादछंद -रामपाल प्रसाद
शीतलता के बीच बहाती,रहती तू रस-धार है! नीले-नीले नभ-मंदिर से,हे माते!हो जा प्रकट, उत्कट प्रत्याशा में ॲंखियाॅं,राह तकी है एकटक।[...]
सब कुछ याद है – धीरज कुमारसब कुछ याद है – धीरज कुमार
ओ सब कुछ याद है। वो घर के छत के चूते हुए छप्पर-छानी याद हैं, वो सावन में रिमझिम बरसता[...]
बाल कविता -नीतू रानीबाल कविता -नीतू रानी
-बाल कविता शीर्षक -एक मोटा हाथी। एक मोटा हाथी झूम के आया, केला के पेड़ को सूँढ से गिराया। उसमें[...]
जैनेंद्र प्रसाद -महिमा अपारजैनेंद्र प्रसाद -महिमा अपार
महिमा अपार है मंदिरों में भीड़ भारी,दरस को नर-नारी, श्रद्धालुओं से है पटा, मांँ का दरबार है। दीप-धूप जले ज्योति,[...]
