कैसे आए शांति- सरसी छंद गीत गद्दारों की फौज खड़ी हैं, जो फैलाती भ्रांति। विकट समस्या आज जगत् की, आए[...]
Author: Dr Snehlata Dwivedi
बीत गया फागुन माह- रामकिशोर पाठकबीत गया फागुन माह- रामकिशोर पाठक
चैत्र- राधिका छंद गीत बीत गया फागुन माह, चैत है आया। महुआ का मादक गंध, प्रीत भर लाया।। नूतन आता[...]
यही है सार जीवन का -एस. के. पूनमयही है सार जीवन का -एस. के. पूनम
विधा:-विधाता छंद। (यही है सार जीवन का) यहाँ सीखा, रहो मिलकर, न जीओ तुम, निराशा में। पढ़ी सरगम, उमंगों की,[...]
आज की नारी -रुचिकाआज की नारी -रुचिका
आज की नारी अपने घावों से खुद ही उबरती, संघर्ष की जमीन पर एक नई पटकथा लिखती है वह आज[...]
दहलीज -रुचिकादहलीज -रुचिका
दहलीज हर बार वह सोचती की अब नही, मगर कदम उसके ठहर जाते थे घर की दहलीज पर घुटती रहती[...]
नारी शक्ति – मुन्नी कुमारीनारी शक्ति – मुन्नी कुमारी
नारी-शक्ति स्व-रचित-कविता नारी की शक्ति अपार, नारी की महिमा अपरम्पार। नारी में गुणों का भंडार, नारी में ममता की बहार।[...]
तुम कौन हो?-डॉ स्नेहलता द्विवेदीतुम कौन हो?-डॉ स्नेहलता द्विवेदी
तुम कौन हो? उसने पूछा, आखिर कौन हो तुम?, उर्वशी मेनका ,इंद्राणी, या अपाला लोपा घोषमुद्रा! यशोदा , राधा रुक्मिणी[...]
रंगों का त्यौहार -मनु कुमारीरंगों का त्यौहार -मनु कुमारी
रंगों का त्योहार होली है रंगों का त्योहार , रंगों से रंगा सारा संसार l गुलाल की महक संग रिश्तों[...]
रंग मिल सब संग में -रामकिशोर पाठकरंग मिल सब संग में -रामकिशोर पाठक
रंग मिल सब संग में- पुष्पमाला छंद गीत रंग सब मिल संग में। कृष्ण राधा अंग में।। गीत मिलकर गा[...]
होली का त्यौहार -नीतू रानीहोली का त्यौहार -नीतू रानी
व शीर्षक-होली का त्योहार होली है हिन्दुओं का त्योहार लोग लगाते हैं एक-दूसरे के गालों में रंग गुलाल, खाते हैं[...]
