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- माँ
सुबह की पहली किरण है माँ,
ममता का सागर है माँ,
त्याग की मूर्ति है माँ,
दिल की धड़कन है माँ,
एक अनमोल उपहार है माँ।
धूप की छांव है माँ,
हर दर्द की दवा है माँ ,
हर आँसू में मुस्कान सजाती है माँ,
अपनी दर्द छुपाकर प्यार लुटाती है माँ,
एक अनमोल रत्न है माँ।
जो कभी न थकती वो है माँ,
खुद भूखी रहकर बच्चों को खिलाती वो है माँ,
बच्चों पर अपनी जान गवाती वो है माँ,
हर कदम पर साथ देती वो है माँ,
दुनियाँ में एक अनमोल है माँ।
मंजिल की राह दिखाती है माँ ,
हर कठिन डगर पार कराती है माँ,
हर अंधेरी राह में प्रकाश दिखाती है माँ,
गंगा- सी निर्मल धारा बहाती है माँ,
प्यारा सा अनमोल शब्द है माँ।
रचियता- मुन्नी कुमारी
प्रधान शिक्षिका
प्राथमिक विद्यालय मोहनपुर मुशहरी
प्रखण्ड- झंझारपुर, मधुबनी

