मनहरण घनाक्षरी दुविधा में हम पड़े,अपनी ही जिद अड़े,अधिकारी पास खड़े, होते परेशान हैं।साथी सारे कह रहे,लेन-देन कर कहे,चैन आप[...]
Author: Swarakshi Swara
पहिले करु मतदान..मनु कुमारीपहिले करु मतदान..मनु कुमारी
भैया ग्यारह नवंबर कय मतदान करू यौ ।पहिले करू मतदान तखन जलपान करू यौ। लोकतंत्र के ई अछि पाबनि महान।परिवार[...]
चुनाव कराते हैं…चुनाव कराते हैं…
चलो एक बार फिर सेनई सरकार से मिलाते हैं,लोकतंत्र के इस पर्व कोउत्सव की तरह मनाते हैं,चलो… चुनाव कराते हैं![...]
युग का प्रभाव..जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’युग का प्रभाव..जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
मनहरण घनाक्षरी छंद में *******************मूर्ति को तो माता कह- आरती उतारते हैं,अपनी माता को कटु, बोलते वचन हैं। घर पर [...]
इच्छा..बैकुंठ बिहारीइच्छा..बैकुंठ बिहारी
संसार में आते ही शुरू होती है… इच्छाबड़े बुजुर्गों,सगे-संबंधियों के बीच पनपती है यह इच्छा…समाज में जाकर फलती फूलती है[...]
देव दिवाली…राम किशोर पाठकदेव दिवाली…राम किशोर पाठक
कुंडलियां देव दिवाली आज है, जगमग सारे लोक।पावन क्षण है आ गया, हरने सबके शोक।।हरने सबके शोक, देव नारायण आते।गंगा[...]
भारत मांँ की बेटियांँ…राम किशोर पाठकभारत मांँ की बेटियांँ…राम किशोर पाठक
भारत माँ की बेटियांँ- प्रदीप छंद गीत धरती से अंबर तक फैली, जिसकी गाथा खास है। आज बेटियाँ भारत माँ[...]
कार्तिक पावन पूर्णिमा – गीतिका- राम किशोर पाठककार्तिक पावन पूर्णिमा – गीतिका- राम किशोर पाठक
कार्तिक पावन पूर्णिमा, महिमा कहे बखान।कट जाता है पाप सब, कर गंगा में स्नान।। भीड़ उमड़ती घाट पर, मनहर लगता[...]
कुंडलिया.रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’कुंडलिया.रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
भाषा अच्छी बोलना,मुख का है शृंगार।संधारित जिसने किये,लूट लिए संसार।। लूट लिए संसार,स्वर्ग सुंदर मुस्काया।अवतारण की चाह,देव मानस पर छाया।।[...]
देव दया कर …रामकिशोर पाठकदेव दया कर …रामकिशोर पाठक
वासुदेव छंद आश नया मन, सर्जन दो।देव दया कर, दर्शन दो।। भव भंजन तुम, कष्ट हरो।जीवन का दुख, नष्ट करो।।पाप[...]
