Author: Swarakshi Swara

Ram Kishore Pathak

ताका ..राम किशोर पाठकताका ..राम किशोर पाठक

0 Comments 9:11 pm

ताका ५-७-५, ७-७ १.सौम्य प्रसंग धरे नव उमंग रचना संग। साधना अंग-अंग शब्द दृष्टि विहंग।। २.सपने आते कुछ कह भी[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

वापस कर दो सुखी बनाकर…RPS अनजानवापस कर दो सुखी बनाकर…RPS अनजान

0 Comments 9:09 pm

अरिल्ल छंद चार चरण में 16 16 मात्रा पदांत 211/122वापस कर दो सुखी बनाकर।@@@@@@@@@@बादल छाए नभ के ऊपर।सोनू मोनू भाग[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ajay

मौन संगीत.. डॉ अजय कुमार “मीत”मौन संगीत.. डॉ अजय कुमार “मीत”

0 Comments 7:22 pm

मौन पड़ी मन वीणा को भावों ने झंकृत कर डालाजग उठे मौन से संगीत। कोरे कागज पर लेखनी दौड़ीआड़े-तिरछे अक्षर[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

बस थोड़ी देर पहले…अवनीश कुमारबस थोड़ी देर पहले…अवनीश कुमार

0 Comments 7:14 pm

बस थोड़ी ही देर पहले तो… बस थोड़ी ही देर पहले तो —एक रंगीन तितलीफूलों की क्यारी में नाच  रही[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

आह्वान…विजय शंकर ठाकुरआह्वान…विजय शंकर ठाकुर

0 Comments 3:05 pm

सवेरे उठकर जल्दी जाओ,लोकतंत्र का पर्व मनाओ।       भैया भौजी, चाचा आओ,        दादा दादी को भी लाओ।मतदाता पर्ची को लेकर,कतार में[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

गर्व से हिंदू कहे तो..रामपाल प्रसाद सिंहगर्व से हिंदू कहे तो..रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 2:59 pm

सुमेरु छंद (10,9)1222 12, 22 122 गर्व से हिंदू कहे तो। घटा घनघोर नभ,छाई कहाॅं से।गई थी लौट कर,आई कहाॅं[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

किसानों की बेचैनी..जनेंद्र प्रसाद रविकिसानों की बेचैनी..जनेंद्र प्रसाद रवि

0 Comments 2:54 pm

कार्तिक है बीत रही,रबी अभी लगी नहीं,आसमां में काले घन, दिखा रहे नैन हैं। खेतों में   तैयार  धान, आती नहीं[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

बाल कविता आओ मिलकर छठ करें..अवधेश कुमारबाल कविता आओ मिलकर छठ करें..अवधेश कुमार

0 Comments 2:43 pm

अस्ताचल सूरज को, हम सब ही प्रणाम करें,उगते सूरज और छठ माता की पूजा, सच्चे मन से करें। संध्या अर्घ्य[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

चुनावी जुमला..जनेंद्र प्रसाद ‘रवि’चुनावी जुमला..जनेंद्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 2:27 pm

वादे करते हैं सभी, पूरा करते न कभी,जुमला साबित होता, आया हर बार है। धर्म का सहारा ले के,जाति की[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

भाई दूज…नीतू रानीभाई दूज…नीतू रानी

0 Comments 6:28 pm

कार्तिक के महीना भरदूतिया के अछी शोर,जहिना एथिन भैया हम लागब हुनका गोअर। गाए गोबर लाए अंगना निपाएब अरबा चौर[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें