Author: Vijay Bahadur Singh

मां की ममता-शिवेंद्र शिवममां की ममता-शिवेंद्र शिवम

0 Comments 1:23 pm

मां की ममता बसंत जैसी ऋतु हो तुम। पूर्णिमा की हो चांद।। ममता की आंचल पसारे। करुणा सागर समान।। तेरी[...]

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Mukesh kumar

विद्यालयी बच्चेे-मुकेश कुमारविद्यालयी बच्चेे-मुकेश कुमार

0 Comments 10:22 am

विद्यालयी बच्चे यह बच्चे, प्यारे बच्चे, हमारे बच्चे, जब सुबह विद्यालय आते हैं, विद्यालय प्रांगण खिल जाता है, वातावरण सुंदर[...]

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Dhiraj

पुस्तक से प्यार-धीरज कुमारपुस्तक से प्यार-धीरज कुमार

0 Comments 8:53 am

पुस्तक से प्यार आओ चलें पुस्तक के पास पुस्तक से हम कर ले प्यार। अच्छी-अच्छी बातें सीखे चित्र भरी कविता[...]

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शांति-दिलीप कुमार गुप्तशांति-दिलीप कुमार गुप्त

0 Comments 7:24 am

शांति यह जग परमपिता की माया नश्वर काया तनिक विचार करें परस्पराश्रयी अनमोल जीवन सबका समुचित सम्मान करें। दुराग्रह गहन[...]

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जन्मभूमि-देव कांत मिश्र ‘दिव्य’जन्मभूमि-देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 7:38 pm

जन्मभूमि जन्मभूमि की पावन स्मृति खत्म कभी मत होने दें। नील गगन से देख विहग नीड़ कभी न खोने दें।।[...]

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शिक्षा का स्वरूप-चंचला तिवारीशिक्षा का स्वरूप-चंचला तिवारी

0 Comments 4:28 pm

शिक्षा का स्वरूप शिक्षक शिक्षण और शिक्षा नए स्तर से करनी होगी समीक्षा पांडेमिक के इस दौर में हम सबको[...]

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प्रकृति का आंचल-बीनू मिश्राप्रकृति का आंचल-बीनू मिश्रा

0 Comments 11:40 am

प्रकृति का आंचल प्रकृति में अपना आंचल कर दिया हम पर बलिहार, पर हमने बन स्वार्थी कर दिया आंचल को[...]

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Suresh kumar

नववर्ष चैत्र मास-सुरेश कुमार गौरवनववर्ष चैत्र मास-सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 10:41 am

नववर्ष चैत्र मास प्रकृति प्रदत्त इस नव वर्ष चैत्र मास का, जब होता शुभ प्रवेश! पेड़-पौधों, फूल, मंजरी, कलियों में,[...]

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Bhawanand

हे मानव-भवानंद सिंहहे मानव-भवानंद सिंह

0 Comments 9:03 am

हे मानव हे मानव, ईश्वर तुम्हें बनाया किस लिए, जगत का तुम कल्याण करो, तुम्हारा जन्म हुआ इसलिए। हे मानव,[...]

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