पद्यपंकज Bhawna,Prem,sandeshparak पिता-रूचिका

पिता-रूचिका


Ruchika

लेख सुनें तैयार

पिता एक सुरक्षा कवच

इस समाज में

जो ढाल बन जाते हर मुश्किल में।

पिता मार्गदर्शक

एक सलाहकार

जो सही गलत का फर्क बतला

मार्ग दिखलाते।

पिता एक खजांची

जब भी जरूरत पड़ी धन की

वह अपने बचत से

हाथ पर धर जाते।

बीमारी में चिकित्सक के पास

ले जाना हो या

कोई भी परीक्षा दिलवाना

वह बन जाते साथी

और चल पड़ते साथ।

पिता का कठोर अनुशासन

और अव्यक्त प्रेम

जीवन के कठिन राहों को

आसान बना देता।

पिता एक वटवृक्ष

जो जमाने की कड़ी धूप से बचाते।

पिता बनते बेटियों के पहले हीरो

उनका होना जीवन में

बेफिक्री लाता।

रूचिका

राजकीयकृत प्राथमिक विद्यालय कुरमौली गुठनी सिवान बिहार

0 Likes
Spread the love

Leave a Reply