हम तो आगे बढ़ चलें हैं,
सपनों की एक लिए उड़ान ।
बस लक्ष्य अपना हम साध लिए हैं,
चाहे आँधी आए या तूफान ।
हमारी कश्ती के अब हम ही हैं कप्तान,
थाम ली हाथ में जिसने अपनी कमान ।
हम इतने भी तो नही हैं गुणवान,
पर हमने ठाना , खुद की बनानी है पहचान ।
मेहनत से ही सबकुछ हासिल,
यही मेरा खुद का फरमान ।
हम तो आगे बढ़ चलें है,
सपनों की एक लिए उड़ान ।
आशीष अम्बर
( विशिष्ट शिक्षक)
उत्क्रमित मध्य विद्यालय धनुषी
प्रखंड – केवटी
जिला – दरभंगा
बिहार

