Author: Vijay Bahadur Singh

Jainendra

सर्दी- जैनेन्द्र प्रसाद रविसर्दी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 11:32 am

सर्दी चुपके-चुपके आती सर्दी, सबको बहुत सताती सर्दी। अमीरों को यह ख़ूब है भाती, गरीबों को यह बहुत सताती। आग[...]

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याचना-दिलीप कुमार गुप्तायाचना-दिलीप कुमार गुप्ता

0 Comments 10:17 am

याचना प्रवृत्ति आरोह सदज्ञान की निवृत्ति दुःख द्वन्द्व दुर्भाव की अन्तस तिमिर का हो उन्मूलन संस्कृति सुवासित सद्भाव की। कामना[...]

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प्यारा देश हमारा है-देव कांत मिश्र दिव्यप्यारा देश हमारा है-देव कांत मिश्र दिव्य

0 Comments 12:20 pm

प्यारा देश हमारा है वसुधा से जो लगन लगाये, वही देश का प्यारा है। पावन भावन सरिता की नित, चमक[...]

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जिंदगी जी ले जरा-अवनीश कुमारजिंदगी जी ले जरा-अवनीश कुमार

0 Comments 11:38 am

जिंदगी जी ले ज़रा ये जिंदगी मिलती नही आसानी से क्यों पल-पल काट रहे परेशानी से क्यों खो रहे आज,[...]

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Archana

नश्वर दुनियाँ-अर्चना गुप्तानश्वर दुनियाँ-अर्चना गुप्ता

0 Comments 5:45 pm

नश्वर दुनियाँ  कितनी नश्वर है प्रभु तेरी दुनियाँ फिर भी पल-पल द्वेष बढ़ आए स्वार्थपाश में बँधे हुए सब ही[...]

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Anchal

माँ मैं तेरी बेटी हूँ-आँचल शरणमाँ मैं तेरी बेटी हूँ-आँचल शरण

0 Comments 3:03 pm

माँ मैं तेरी बेटी हूँ माँ! मैं तेरी बेटी हूँ, तेरे खून का कतरा हूँ मत बनने दे मुझे किस्सा[...]

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Dr. Anupama

माँ मुझको अब पढ़ना है-डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तवमाँ मुझको अब पढ़ना है-डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तव

0 Comments 11:27 am

माँ मुझको अब पढ़ना है माँ मुझको अब पढ़ना है सबसे आगे बढ़ना है, देखा था जो तुमने सपना उसको[...]

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