घर में खिलैहअ नून रोटिया हो,
बिटिया पढ़ाबअ पापाजी।
स्कूल में नाम लिखैहअ हो,
हमरा पढ़ाबिहअ पापा जी।
पढ़ी- लिखी लेबै हम नौकरिया हो,
नाम तोहर हेतअ पापा जी।
पढ़ाए- लिखाए कराबिहअ शादी हो,
दुल्हा मिलतै अच्छा पापाजी।
अठारह साल बाद शादी करबाबिहअ हौ,
तन मन रहतै स्वस्थ पापाजी।
बेटी बचाबिहअ बेटी पढ़ाबिहअ हो,
करिहअ कन्या दान पापाजी।
नीतू रानी, विशिष्ट शिक्षिका
स्कूल – म०वि०रहमत नगर सदर मुख्यालय पूर्णियाँ बिहार।
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