Category: छंद

दोहावली – रामपाल सिंह ‘अनजान’दोहावली – रामपाल सिंह ‘अनजान’

0 Comments 6:56 am

प्रात काल वो सूर्य को, करती प्रथम प्रणाम। सूर्य देव आशीष दें, रहे सुहाग ललाम।। प्रातकाल से है लगी, सजा[...]

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विधाता छंद – एस. के. पूनमविधाता छंद – एस. के. पूनम

0 Comments 8:01 pm

दरस देतीं प्रथम माता, कहाँ हो तुम चली आतीं। क्षुधा प्यासा ललन बैठा, पके दाना तुम्हीं लातीं। दया कर के[...]

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ram किशोर

शरद पूर्णिमा- रामकिशोर पाठकशरद पूर्णिमा- रामकिशोर पाठक

0 Comments 7:37 am

  पूनम की रात शीतल चाँदनी फैलाए अंतिम रात्रि आश्विन शरद पूर्णिमा कहलाए घर में माताएँ क्षीर खीर बनाए। पूनम[...]

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Ruchika

शरद पूर्णिमा – रूचिकाशरद पूर्णिमा – रूचिका

0 Comments 7:28 am

  शरद पूर्णिमा का सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता चाँद। दूधिया रोशनी बिखेरता प्रेम चाँदनी संग दिलोंजान से करता। घटता[...]

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Jainendra

मनहरण घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’मनहरण घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 9:20 pm

दिन भर काम करे, कभी न आराम करे, अकेली सुबह शाम, भोजन बनाती हो। हमें विद्यालय भेज, कपड़े बर्तन धोती,[...]

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हरिगीतिका- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’हरिगीतिका- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

0 Comments 10:26 pm

नवरात्रि में माॅं अन्नपूर्णा, रोहिणी कहलाइए। तू सात्त्विकी कल्याणकारी, चंडिका बन आइए।। काली त्रिमूर्ति महेश्वरी भव, भद्रकाली नाम हैं। आराधना[...]

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विधाता छंद: एस. के.पूनमविधाता छंद: एस. के.पूनम

0 Comments 7:39 pm

  चरण छूलूँ भवानी माँ, पनाहों में मुझे पाओ। महादेवी जगतजननी, मुझे तो छोड़ मत जाओ। सदा तुम कष्ट ही[...]

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दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 10:18 pm

  दो अक्टूबर जन्म है, दो पुरुषों के नाम। गाँधी प्यारा एक है, दूजा लाल ललाम।। गाँधी जी का जन्म[...]

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विधाता छंद- एस. के. पूनमविधाता छंद- एस. के. पूनम

0 Comments 9:28 am

  कहे गोविंद श्यामा से, मिलूँगा मैं अकेले में। कही राधा अनंता से, पडूँगी ना झमेले में। सदा से ही[...]

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