Category: छंद

Devkant

दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 9:06 pm

रिश्ते डोरी प्रेम की, आए मन को रास। नेह सत्य सद्भावना, लाती नवल उजास।। रिश्तों को शुचिमय सघन, रखें बनाए[...]

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Pramod

मनहरण घनाक्षरी- रामपाल प्रसाद सिंहमनहरण घनाक्षरी- रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 7:54 pm

आज बच्चों में उल्लास, छुट्टी मिली है जो खास, चकचक ताजिया है, भरे जो विश्वास से। हिंदुओं का गाॅंव प्यारा,[...]

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Devkant

छंद: गीतिका – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’छंद: गीतिका – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 5:12 pm

बच्चों को सिखलाना होगा। सही मार्ग ले जाना होगा।। बच्चे तो हैं मन के सच्चे, यही कर्म दुहराना होगा। होते[...]

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S K punam

मनहरण घनाक्षरी:- एस. के. पूनममनहरण घनाक्षरी:- एस. के. पूनम

0 Comments 6:25 pm

शीर्षक: कभी रथ खींचिए मंदिर की ओर चलें, मिलेगी जीने की राह, जय बोलो जगन्नाथ, नमन तो कीजिए। हजारों हैं[...]

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Jainendra Prasad Ravi

विधा- रूप घनाक्षरी: जैनेन्द्र प्रसाद रविविधा- रूप घनाक्षरी: जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 5:33 am

किसान “”””””””””””””””” फसल बोने के पूर्व, खेतों की जुताई हेतु, सुबह ही चल देते, हल बैल ले के संग। हरियाली[...]

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S K punam

अनंत शिल्पी यहाँ-एस.के.पूनमअनंत शिल्पी यहाँ-एस.के.पूनम

0 Comments 9:38 pm

छंद:-मनहरण घनाक्षरी (अनंत शिल्पी यहाँ) विभुतियों का संसार,सितारे हैं मंच पर, पटल शोभित जहाँ,शब्दों का खेल वहाँ। उकेरे भावनाओं को,[...]

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S K punam

शीत-एस.के.पूनमशीत-एस.के.पूनम

0 Comments 6:13 pm

छंद:-मनहरण घनाक्षरी “शीत” सघन है काली रात,रौशनी है थोड़ी-थोड़ी, बंद हुआ घर-द्वार,जाड़े का आलम है। सूर्य ढ़का तुहिन से,घूप थोड़ा[...]

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