Category: छंद

रूप घनाक्षरी- एस. के. पूनमरूप घनाक्षरी- एस. के. पूनम

0 Comments 8:04 pm

  अंधेरा था घनघोर, संतरी थे चहुँओर, माया ने बिछाई जाल, दानवों पर प्रहार। वेदना को भूल कर, पलना में[...]

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Harsh Narayan Das

श्री कृष्ण-चरित-माला- हर्ष नारायण दासश्री कृष्ण-चरित-माला- हर्ष नारायण दास

0 Comments 9:34 pm

ॐ श्री पुरुषोत्तम स्वामी। सर्वातीत सर्वघट-गामी।। निर्गुण मायारहित अनन्ता। मायाधीश सगुण भगवन्ता।। परम दयामय लीलाधारी। पृथिवी-भार-हरन अवतारी।। भव-दुख-भंजन, दुष्ट-विनाशी। बन्दीगृह[...]

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भारत की पहचान तिरंगा – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’भारत की पहचान तिरंगा – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

1 Comment 7:05 pm

आजादी की शान तिरंगा। भारत की पहचान तिरंगा।। फलित साधना वर्षों की है, करते हम गुणगान तिरंगा। केसरिया साहस से[...]

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मनहरण घनाक्षरी- एस. के. पूनममनहरण घनाक्षरी- एस. के. पूनम

0 Comments 11:17 pm

भारत के तिरंगे में, शोभित हैं तीनों रंग, फहराए हवा संग, झुका आसमान है। जल,थल,नभ सेना, तत्पर रक्षा में सदा,[...]

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Devkant

गीतिका – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’गीतिका – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 9:49 pm

संत शिरोमणि कवि तुलसी की, महिमा गाते जाइए। पावन निर्मल भक्ति-भाव को, हृदय बसाते जाइए। रामचरितमानस अति सुंदर, ज्ञान-विभूषित ग्रंथ[...]

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Jainendra

रूप घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’रूप घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 9:01 pm

यहाँ नाग पंचमी में, पूजे जाते नागदेव, शंकर पहनते हैं, बनाकर गले हार। स्वार्थ के हो वशीभूत, मदारी पकड़ते हैं,[...]

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Kumkum

दोहावली – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”दोहावली – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”

0 Comments 8:48 pm

देवाधिदेव महादेव दया सिंधु शिव जी सदा,करते हैं कल्याण। जो भी आते हैं शरण,पाते वो वरदान।। बाबा भोलेनाथ को, पूजे[...]

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मनहरण घनाक्षरी- एस. के. पूनममनहरण घनाक्षरी- एस. के. पूनम

0 Comments 6:57 pm

जलता है रात-भर, स्नेह भरा यह दीप, बुझ गया यादें छोड़, सविता के आने से। जल उठे साँझ ढले, बाती-तेल[...]

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Jainendra

रूप घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’रूप घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 7:06 pm

तूफां से न घबराते, अपनी मंजिल पाते, जीवन के डगर की, होती न आसान राह। चट्टानों पे बीज बोते, धुन[...]

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Jainendra

मनहरण घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’मनहरण घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 12:37 pm

पावन है देवघर, भोलेनाथ की नगरी, आज सारी दुनिया में, बना सिरमौर है। किसानों में खुशहाली, खेतों बीच हरियाली, पावन[...]

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