चिकित्सक का कार्य – गीतिका वैद्य, चिकित्सक, हकीम सारे। सबका जीवन सदा सँवारे।। रक्त, लहू, शोणित, लोहित जो। रुधिर, खून[...]
Category: बाल कविता
समय सुहाने बचपन के – अमरनाथ त्रिवेदीसमय सुहाने बचपन के – अमरनाथ त्रिवेदी
समय सुहाने बचपन के खेल- खेल में पढ़ते जाएँ। जीवन को अनमोल बनाएँ।। हम नए-नए खेलों को खेलें। नई-नई खुशियाँ[...]
सोशल मीडिया – राम किशोर पाठकसोशल मीडिया – राम किशोर पाठक
सोशल मीडिया रूप संचार का बदल रहा, बदला अब सारा समाज है। अंतरजाल सभी अपनाएँ, बदला सबका काम-काज है।। खुलकर[...]
झूम -झूमकर बरसो बादल – अमरनाथ त्रिवेदीझूम -झूमकर बरसो बादल – अमरनाथ त्रिवेदी
झूम- झूम कर बरसो बादल आओ बच्चों खुशी मनाएँ, फुहारें वर्षा की घिर आई हैं । काले काले बादल नभ [...]
बायस्कोप- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘बायस्कोप- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘
बायस्कोप (चित्रदर्शी) यह बचपन है मेरा तेरा,कह लो अब है बदला एरा अपने थे हुए पराए अब,बस रह गई यही[...]
शिक्षा का जीवन में महत्व – मृत्युंजय कुमारशिक्षा का जीवन में महत्व – मृत्युंजय कुमार
शिक्षा का जीवन मे महत्व…! खेल खेल में करो पढ़ाई। नही करो एक दूसरे से लड़ाई।। पढ़-लिख कर अपना नाम[...]
मौसम हुआ सुहाना है – रत्ना प्रियामौसम हुआ सुहाना है – रत्ना प्रिया
मौसम हुआ सुहाना है पावस ऋतु की छटा निराली, चिड़िया फुदके डाली-डाली, मेघों ने है दौड़ लगाया , बच्चों का[...]
भरना इन्हें उड़ान है – प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठकभरना इन्हें उड़ान है – प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठक
भरना इन्हें उड़ान है – प्रदीप छंद गीत बच्चों को हम बच्चा मानें, देना उनको ज्ञान है। नहीं बोध है[...]
विनती करूँ मैं भगवान – अमरनाथ त्रिवेदीविनती करूँ मैं भगवान – अमरनाथ त्रिवेदी
विनती करूँ मैं भगवन विनती करूँ मैं भगवन , तुम अपना मुझे बना लो । हर अज्ञानता के पगोंं से[...]
बच्चों का स्वागत – मृत्युंजय कुमारबच्चों का स्वागत – मृत्युंजय कुमार
बच्चों का स्वागत ग्रीष्मावकाश बाद स्कूल खुले हैं। बच्चे घर से बस्ता लेकर स्कूल चले हैं।। बच्चों के चेहरे पर[...]
