Category: Aasha Ichchha

Divya kumari

बेटी की अभिलाषा – दिव्या कुमारीबेटी की अभिलाषा – दिव्या कुमारी

1 Comment 8:50 am

पापा मेरी एक अभिलाषा, पढ़ -लिखकर मैं बनु महान । आपका नाम रौशन करु जग में, मेरी भी को अलग[...]

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S K punam

सुरक्षित रहे प्राण- एस.के.पूनम।सुरक्षित रहे प्राण- एस.के.पूनम।

0 Comments 10:14 pm

विधा:-रूपघनाक्षरी (सुरक्षित रहे प्राण) तरु की पत्तियां झड़ी, मंजरी भी गिर पड़ी, पतझड़ के मौसम का यही है पहचान। चल[...]

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Ratnesh Pandey

मन की बात – रत्नेश पण्डित पाण्डेयमन की बात – रत्नेश पण्डित पाण्डेय

0 Comments 9:27 pm

बड़े दिनों बाद वह, घर अपने वापस आया बेटी के लिए कुछ गुड्डे-गुड़िए, बेटे को किताबें लाया। बच्चों में कैसा[...]

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S K punam

पाप कर्म से डरें- एस.के.पूनमपाप कर्म से डरें- एस.के.पूनम

0 Comments 7:20 pm

विद्या:-मनहरण घनाक्षरी सीताराम-सीताराम,नयनाभिराम राम, प्रातःकाल नाम लेके,सूर्य को नमन करें। संसार है आलोकित,सूरज के प्रकाश से, ऊर्जा का संचार कर,तन[...]

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Jaykrishna

मेरी अभिलाषा- जयकृष्णा पासवानमेरी अभिलाषा- जयकृष्णा पासवान

0 Comments 8:33 pm

मैं पंछी बन उन्मुक्त गगन में, दुनियां का भ्रमण करुं। काली-घटा की बलखाती बादल में भींग जाऊं।। यह मेरी अभिलाषा[...]

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Kanchan

गंगा अब मैली नहीं- कंचन प्रभागंगा अब मैली नहीं- कंचन प्रभा

0 Comments 8:28 pm

सुनाई देती है वही सुरीले पंछी की चहचहाहट फिर से है हवाओं में शीतल सी वही गीतों की गुनगुनाहट फिर[...]

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