विद्यालय कार्यभार लेकर, हैं खोये। कागज में जैसे उलझ गए, हैं रोये।। शिक्षा के नव अंकुर मन में, जो बोये।[...]
Category: Aasha Ichchha
नव भारत का निर्माण करें – बिंदु अग्रवालनव भारत का निर्माण करें – बिंदु अग्रवाल
आओ भारतवासी मिल कर ज़न-ज़न का आह्वान करें, नव गति, नव लय, गीत नया हो नव भारत का निर्माण करें।[...]
विश्व आत्महत्या निवारण दिवस-गिरीन्द्र मोहन झाविश्व आत्महत्या निवारण दिवस-गिरीन्द्र मोहन झा
हर वक्त समझना अमूल्य जीवन का मोल, हर स्थिति में तू सदा शुभ सोच, तू शुभ बोल, धैर्य, धर्म, साहस,[...]
बारिश की बूंदे -बिंदु अग्रवालबारिश की बूंदे -बिंदु अग्रवाल
बारिश की बूंदे गिर रही हैं । यह उनकी नियति है। उन्हें गिरना है । उन्हें नहीं मालूम की अपना[...]
तेरे सपने हों नित ऐसे-अमरनाथ त्रिवेदीतेरे सपने हों नित ऐसे-अमरनाथ त्रिवेदी
पढ़ो लिखो या खेलो यहाँ पर , पर नाम करो इस जग में । व्यर्थ बैठे तुम क्या करोगे ,[...]
जीवन-दर्शन – गिरीन्द्र मोहन झाजीवन-दर्शन – गिरीन्द्र मोहन झा
तुम अपने जीवन के सुदीर्घ पथों को देख, मात्र निज जीवन-यात्रा पर फोकस करना। तेरा जीवन सहज, पवित्र, अर्थपूर्ण, परोपकारमय[...]
पिता – राम किशोर पाठकपिता – राम किशोर पाठक
द्विगुणित सुंदरी छंद सबका बोझ उठाना, करना नहीं बहाना। अपना दर्द छुपाना, हर पल ही मुस्काना।। सबका शौक पुराना, उफ्फ[...]
बदलें बिहार आओ – राम किशोर पाठकबदलें बिहार आओ – राम किशोर पाठक
द्विगुणित सुंदरी छंद शिक्षक सभी हमारे, बदलें बिहार आओ। शिक्षा दीप जलाओ, ज्ञान पुंज फैलाओ।। प्रण यह करने आओ, औरों[...]
मुट्ठी में आकाश करो – कुमकुम कुमारी “काव्याकृतिमुट्ठी में आकाश करो – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति
इक-इक पल है कीमती जानो स्वयं से तुम संवाद करो। व्यर्थ की बातों में उलझकर न वक्त अपना बर्बाद करो।।[...]
सूरज भैया – अवनीश कुमारसूरज भैया – अवनीश कुमार
सूरज भैया सूरज भैया क्यों है तुम्हारे गाल लाल क्या मम्मी ने तुम्हें डाँटा है या पापा ने मारा[...]
