उपवन नवरात्र का- सार छंद आज हमारा पुष्पित उपवन, देख चकित संसार। रंग बिरंगे फूलों से यह, शोभित है घर[...]
Category: Bhakti
For the attainment of God in the world, for the welfare of the person, one has to do spiritual practice for salvation. For this, Bhakti is the best. Therefore, devotion to God and having prayer and meditation is called Bhakti.
रुठी क्यों दुखहरणी माता- बिंदु अग्रवालरुठी क्यों दुखहरणी माता- बिंदु अग्रवाल
रूठी क्यों दुखहरणी माता रूठी क्यों दुखहरणी माताकैसे मैं तुझे मानाऊँ?कैसी विकट प्रतीक्षा की हैकैसे मैं तुझे बताऊँ? न जानूँ[...]
त्वमेका शिवा- राम किशोर पाठकत्वमेका शिवा- राम किशोर पाठक
त्वमेका शिवा – स्त्रोत सदा शक्ति आलंब भक्तान माता, न जानामि योगं जपं नैव ज्ञाता।सदा कल्पनाशील तुभ्यम् भजेहं, नमो दिव्य[...]
सजा दरबार मैया का- राम किशोर पाठकसजा दरबार मैया का- राम किशोर पाठक
सजा दरबार मैया का – विधाता छंद गीत लगाती पार नैया जो, वही पतवार लाएँ हैं। सजा दरबार मैया का,[...]
माता जगतारिणी -रामपाल प्रसाद सिंहमाता जगतारिणी -रामपाल प्रसाद सिंह
हे माता! जगतारणी कुंडलिया छंद माता! तुम जगतारणी, जाना है भवपार। थाल लिए द्वारे खड़ा,कर ले तू स्वीकार।। कर ले[...]
जय स्कंदमाता स्नेहलता द्विवेदीजय स्कंदमाता स्नेहलता द्विवेदी
जय स्कंदमाता ममतामयी माँ ममतामयी तू है जगदम्बा, तू कार्तिकेय सुत जननी है। ताड़कासुर बध संकल्प लिये, माँ तू संतन[...]
हे शुभंकरी -रामकिशोर पाठकहे शुभंकरी -रामकिशोर पाठक
हे शुभंकरी सुधा त्रिधा त्वम् गायत्री। सती शिवा त्वम् सावित्री।। त्वयि नंदजा राधा त्वम् भक्तवत्सला आद्या त्वम् आदिशक्ति शक्ति दात्री।[...]
भवानी आ गयी है – राम किशोर पाठकभवानी आ गयी है – राम किशोर पाठक
भवानी आ गयी है, घर हमारे। खुशी अब छा रही है, जग निहारे।। किया वंदन उन्हें सब, चरण धोएँ। अलौकिक[...]
रामपाल प्रसाद सिंह – वंदनवार सजे शारदारामपाल प्रसाद सिंह – वंदनवार सजे शारदा
वंदनवार सजे शारदा चतुर्थ दिन छाया शुभ जग में,कुष्मांडा तेरी जय हो। नर-नारी निर्भय नाचत है,हृदय-सिंधु पावनमय हो।। लीला तेरी[...]
भक्ति कैसे करेंभक्ति कैसे करें
कविता का शीर्षक:- ” मौन है” आज दुखी सब कौन है? जिसके जीवन में योग संविधान स्वर्वेद मौन है? साधना[...]
