हनुमान जी का पराक्रम – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

🌹प्रभाती पुष्प🌹 हनुमान जी का पराक्रम छंद:- जलहरण घनाक्षरी राम जी का कहा मान, बचाया लखन प्राण, तुरत ही धौला गिरी, उठा लिया करतल। लंकापति रावण ने, अवरूद्ध किया रास्ता,…

राम नवमी- दीपा वर्मा

कृष्ण जन्म को कृष्णाष्टमी कहते हैं, राम के जन्म दिन को रामनवमी कहते हैं। दोनों ही भगवान हैं, दोनों ही एक हैं। रामनवमी मना रहे हम सारे सब की जुबां…

कट जाता बंधन- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

जलहरण घनाक्षरी छंद एक साथ चारों भाई पालने में झूल रहे, देख मनोहारी छवि, पाया दुनिया का धन। ऐसे रघुवर पर दिल बलिहारी जाए, राजीव नयन पर, है तन-मन अर्पण।…

किस विधि लूं तेरी थाह प्रिय – मनु रमण चेतना

दिल में है सच्चा प्यार मगर , करते क्यों ना इकरार प्रिय। बस सुनने को व्याकुल है मन, क्यों करते हो इनकार प्रिय। तेरी चाहत और अनंत प्रेम का किस…

राम का अर्थ मानो रामराज्य- सुरेश कुमार गौरव

हिन्दी मास चैत्र नवमी को, प्रभु श्रीराम ने लिया अवतार पूरी अयोध्या नगरी में, तब छाई खुशियां उल्लास अपार। शुभ अवसर है प्रभु श्रीराम का, सब मिलकर नमन करें पूरी…

अनजान- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

सुबह सबेरे अनजान मुक्तक-मात्राभार-5-15 सभ्यता के परम शिखर पर, गुंजित संचित है एक नाम, हे प्रभु चैतन्य परमात्मा, आदर्श पर्याय तू राम। भवदीय लकीर खींची जो, सभ्यता पूर्ण समाज की..,…

रूपघनाक्षरी- एस.के.पूनम

प्रभु रामचंद्र कहें, संतन के संग रहें, उदार भावना गहें,पूजनीय सतनाम। नित्य प्रति पाठ करे, दुजा कोई काम परे, भक्तों का विपदा हरे,लेते रहें हरि नाम। जात-पात भेदभाव, हृदय में…

दशरथ के नंदन – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

जलहरण घनाक्षरी छंद जगत कल्याण खातिर साक्षात् त्रिभुवन पति, कौशल्या के गोद आए, रामजी बालक बन। देवों के गुहार पर पृथ्वी की पुकार सुन, संत उपकार हेतु, दीनों के पालक…

दशरथ भवनमा- नीतू रानी

विषय -रामनवमी रामजी रामजी लिहलन्हि जनमुवाँ हो रामा चैत महिनमा। चैत केअ शुभ दिन बैशाखक शुक्ल पक्ष, दिनके बारह बजे हुनकर जनमुवाँ हो रामा दशरथ अंगनमा। रामजी लिहलन्हि ——-२। दशरथ…