Category: Bhakti

For the attainment of God in the world, for the welfare of the person, one has to do spiritual practice for salvation. For this, Bhakti is the best. Therefore, devotion to God and having prayer and meditation is called Bhakti.

Devkant

लगन सदा मन राम लगाओ- चौपाई – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’लगन सदा मन राम लगाओ- चौपाई – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 7:39 am

लगन सदा मन राम लगाओ विधा: चौपाई “””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””” जब-जब भाव कथा मन आवै। तब- तब प्रेम राम मन भावै।। प्रभुवर[...]

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Manu Raman Chetna

कर ले तू उपकार ओ बंदे- मनु कुमारीकर ले तू उपकार ओ बंदे- मनु कुमारी

0 Comments 7:07 pm

करले तू उपकार ओ बंदे करले तू उपकार ओ बंदे, तेरा जन्म सफल हो जाएगा । यह सुंदर तन नश्वर[...]

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मोहनी माया – विधा गीत – राम किशोर पाठकमोहनी माया – विधा गीत – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:24 pm

मोहनी माया – विधा गीत उलझे रहते हम-सब हरपल, चलता न बुद्धि बल है। सदा सजग रहना माया से, माया[...]

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Amarnath Trivedi

सिया के राम आए हैं- अमरनाथ त्रिवेदीसिया के राम आए हैं- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 11:42 am

Amarnath सिया के राम आए हैं मिलन फुलवारी की देखो, यहाँ सिया के राम छाए हैं। मिथिला की इन गलियों[...]

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Amarnath Trivedi

उठा वीणा बजा डालूँ – अमरनाथ त्रिवेदीउठा वीणा बजा डालूँ – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 9:13 am

उठा  वीणा  बजा  डालूँ ,  सुना  मधुमास आया है । ये तारें हैं   वीणा   की , मधुर  झंकार  लाया   है[...]

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Manu Raman Chetna

सीतासोहर – मनु कुमारीसीतासोहर – मनु कुमारी

0 Comments 8:33 pm

सुन्दर सुभग मिथिला धाम से, पावन पवित्र भूमि रे। ललना रे जहां बसु राज विदेह, प्रजा प्रतिपालक रे। चकमक मिथिलाक[...]

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ram किशोर

जानकी नवमी – राम किशोर पाठकजानकी नवमी – राम किशोर पाठक

0 Comments 4:25 am

जनक के राज्य में ऐसा भयंकर ग्रीष्म आया था। सरोवर, खेत सूखे थें, नहीं कोई हल चलाया था।। किया था[...]

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वीरों की भूमि- नितेश आनन्दवीरों की भूमि- नितेश आनन्द

0 Comments 8:13 pm

संकट के बादल जब छाए, वीरों ने हुँकार लगाया। दुश्मन के सीने पर हमने , हर बार तिरंगा लहराया।। याद[...]

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Girindra Mohan Jha

सनातन धर्म – गिरीन्द्र मोहन झासनातन धर्म – गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 7:50 am

धर्म जिसे कहते हैं। वह सनातन, शाश्वत, परित: है। धर्म वह है, जिससे हो, सबका सर्वांगीण विकास। सद्गुणों को धारण[...]

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ram किशोर

मानव-जीवन और सत्संग – राम किशोर पाठकमानव-जीवन और सत्संग – राम किशोर पाठक

0 Comments 6:49 pm

विधा ➖ धत्तानन्द छन्द (११/७/१३) १. जीवन यह अनमोल, भजिए राम, कृपालु है वही सब पर। भाव-भक्ति से बोल, सीता[...]

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