नमन पिता को कीजिए- दोहा छंद कहें जनक पालक उन्हें, जिन चरणों में धाम। पिता वचन का मान रख, वनगामी श्रीराम।।०१।। कदम बढ़ाना अंक दे, जिसका है शुभ काम। नमन…
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अहमदाबाद हवाई हादसा – अमरनाथ त्रिवेदी
अहमदाबाद हवाई हादसा बारह जून दो हजार पच्चीस को , फिर कलंकित हुआ जहाँन । ड्रीमलाइनर विमान की , बची न अपनी शान । अहमदाबाद से उड़ान भरते ही ,…
उफ़. ! गर्मी – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘
उफ.!गर्मी बढ़ और रही है उफ.!गर्मी, दिख नहीं रही कुछ भी नर्मी, छाया नीचे भूखा-प्यासा,जीवन जलता है। कहीं एक पत्ता हिलता है?!। सुबह हुई सब भाग रहे हैं, व्याकुल हो…
अधूरा सफर- बिंदु अग्रवाल
अधूरा सफर आंँखो में नमी, होठों पे सिसक, दे गए तुम कहांँ खो गए? निकले घर से जो मंजिल के लिए, रास्ते में ही क्यों सो गए? हृदय व्याकुल, पथराई…
अहमदाबाद विमान दुर्घटना- दोहा छंद – राम किशोर पाठक
अहमदाबाद विमान हादसा – दोहा छंद माह जून पच्चीस की, तिथि बारह की बात। उड़ते हीं विमान गिरा, लगा बड़ा आघात।।०१।। दो सौ सत्तर जन मरे, बचा एक हीं जान।…
नमन दधीचि – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
नमन दधीचि! बरगद का पेड़! वर्षोँ से खड़ा , वसन्तों पतझडों का साक्षी, धरती से करता प्यार, धूप से बचाता, देता शीतल छाया । बरगद घर की बरामदे से, निहारता…
इंसानियत के मसीहा संत कबीर – अमरनाथ त्रिवेदी
इंसानियत के मसीहा संत कबीर एक ऐसे संत कबीर हुए, जो जमकर कुरीतियों पर वार किया । हिंदू मुस्लिम की दकियानूसी बातों पर , समग्र प्रचंड प्रहार किया । थे…
हादसा – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘
हादसा (उज्जवला छंद) जब पग-पग होता हादसा। मानव पर उभरा दाग-सा।। हर घर में छाया शोर है। बस आह-आह पुरजोर है।। हम कुछ तो कर सकते नहीं। बस दर्द बाॅंट…
पड़ती गर्मी प्रचंड है – लावणी छंद गीत – राम किशोर पाठक
पड़ती गर्मी प्रचंड है – लावणी छंद गीत ताल, तलैया, सरवर सूखा, भू दिखता खंड-खंड है। प्यासा पंछी खोज रहा जल, गर्मी बड़ा प्रचंड है।। झुलस गया है बाग, बगीचा,…
नन्हा पौधा – बिंदु अग्रवाल
नन्हा पौधा दादा जी ने बीज लगाया, दादी ने पानी डलवाया। चुन्नू-मुन्नू दौड़े आएँ, साथ में खाद भी लेकर आएँ।। सात दिनों के बाद बीज ने, नहीं-नन्हीं पलकें खोली। बड़ी…