Category: Bhawna

आजादी – महाचण्डिका छंद गीत – राम किशोर पाठकआजादी – महाचण्डिका छंद गीत – राम किशोर पाठक

0 Comments 7:02 pm

आजादी – महाचण्डिका छंद गीत इसका अपना अर्थ है, सबको यह समझाइए। आजादी के मूल्य को, जरा समझने आइए।। सहते[...]

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Jainendra

ममता की मूर्ति – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’ममता की मूर्ति – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 10:37 pm

ममता की मूर्ति मनहरण घनाक्षरी छंद में पालन पोषण हेतु, खुद कष्ट सहती है, ममता की प्रतिमूर्ति, भारतीय नारी है।[...]

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बहना हाल बताना- राम किशोर पाठकबहना हाल बताना- राम किशोर पाठक

0 Comments 10:35 pm

बहना हाल बताना- गीत राखी का त्यौहार निकट है, बहना हाल बताना। रचनाओं से बांँध सको तो, रचना दें नजराना।।[...]

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Ratna Priya

श्रावणी पर्व -रत्ना प्रियाश्रावणी पर्व -रत्ना प्रिया

0 Comments 10:07 pm

श्रावणी पर्व श्रावणी पर्व है अति पावन, मिलकर सभी मनाएँ, रक्षाबंधन के धागे यह महत्व हमें समझाएँ । शिव की[...]

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Girindra Mohan Jha

नाता अटूट है – गिरींद्र मोहन झानाता अटूट है – गिरींद्र मोहन झा

0 Comments 10:05 pm

नाता अटूट है- बहन और भाई, रेशम का धागा औ’ भाई की कलाई, बहन के लिए क्या-क्या सौगातें आयीं, प्रेम[...]

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भाई बहना संग में- महाधरणी छंद गीत- राम किशोर पाठकभाई बहना संग में- महाधरणी छंद गीत- राम किशोर पाठक

0 Comments 10:03 pm

भाई बहना संग में- महाधरणी छंद गीत महिमा जिसकी गा रहे, लाया वह मनुहार है। प्रेम भरा अनुराग ले, आया[...]

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बेटी अभिशाप नहीं वरदान हैबेटी अभिशाप नहीं वरदान है

0 Comments 6:00 am

जाने क्यों लोग बेटी को बोझ समझते हैं। बेटी कोई अभिशाप नहीं यह तो आंगन की लक्ष्मी है।। किसी के[...]

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Devkant

उम्मीदों का फूल खिलाने सावन आया- कुण्डलिया – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’उम्मीदों का फूल खिलाने सावन आया- कुण्डलिया – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 10:39 pm

उम्मीदों का फूल खिलाने सावन आया: कुंडलिया “”””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””‘”” आया सावन झूमकर, हर्षित हुए किसान। ‌हरी-भरी यह भूमि हो, यही हमारी[...]

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Devkant

गुरु पूर्णिमा -दोहावली – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’गुरु पूर्णिमा -दोहावली – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 10:37 pm

गुरु पूर्णिमा – दोहावली “””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””” जन्म दिवस गुरु व्यास के, चरण कमल प्रणिपात। जिनके शुभ आशीष से, जीवन हो अवदात।।[...]

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Amarnath Trivedi

मित्रता रूपी कमल हैं खिलते – अमरनाथ त्रिवेदीमित्रता रूपी कमल हैं खिलते – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 10:32 pm

मित्रता रूपी कमल हैं खिलते मित्रता  की   भी    अलग    जुबानी , बोले समयानुसार    कटु  मृदु  बानी। कटु  बानी  भी  मित्र[...]

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