Category: Bhawna

भाई बहना संग में- महाधरणी छंद गीत- राम किशोर पाठकभाई बहना संग में- महाधरणी छंद गीत- राम किशोर पाठक

0 Comments 10:03 pm

भाई बहना संग में- महाधरणी छंद गीत महिमा जिसकी गा रहे, लाया वह मनुहार है। प्रेम भरा अनुराग ले, आया[...]

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बेटी अभिशाप नहीं वरदान हैबेटी अभिशाप नहीं वरदान है

0 Comments 6:00 am

जाने क्यों लोग बेटी को बोझ समझते हैं। बेटी कोई अभिशाप नहीं यह तो आंगन की लक्ष्मी है।। किसी के[...]

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Devkant

उम्मीदों का फूल खिलाने सावन आया- कुण्डलिया – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’उम्मीदों का फूल खिलाने सावन आया- कुण्डलिया – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 10:39 pm

उम्मीदों का फूल खिलाने सावन आया: कुंडलिया “”””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””‘”” आया सावन झूमकर, हर्षित हुए किसान। ‌हरी-भरी यह भूमि हो, यही हमारी[...]

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Devkant

गुरु पूर्णिमा -दोहावली – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’गुरु पूर्णिमा -दोहावली – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 10:37 pm

गुरु पूर्णिमा – दोहावली “””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””” जन्म दिवस गुरु व्यास के, चरण कमल प्रणिपात। जिनके शुभ आशीष से, जीवन हो अवदात।।[...]

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Amarnath Trivedi

मित्रता रूपी कमल हैं खिलते – अमरनाथ त्रिवेदीमित्रता रूपी कमल हैं खिलते – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 10:32 pm

मित्रता रूपी कमल हैं खिलते मित्रता  की   भी    अलग    जुबानी , बोले समयानुसार    कटु  मृदु  बानी। कटु  बानी  भी  मित्र[...]

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जिसको मित्र बनाया है – लावणी छंद गीत – राम किशोर पाठकजिसको मित्र बनाया है – लावणी छंद गीत – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:26 am

जिसको मित्र बनाया है – लावणी छंद गीत आँख खोलकर इस भूतल पर, ज्यों हमने मुस्काया है। रिश्ते नाते हमने[...]

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Snehlata

मित्र – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’मित्र – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’

0 Comments 8:24 am

मित्र! मित्र सरल है मित्र सहज है, मित्र पीयूष अनुराग परम है। मित्र हैं दिल के राज सारथी, तपिश में[...]

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अमर रहेगा नाम तुम्हारा- प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठकअमर रहेगा नाम तुम्हारा- प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठक

0 Comments 5:55 am

अमर रहेगा नाम तुम्हारा- प्रदीप छंद गीत अमर रहेगा नाम तुम्हारा, ऐसा तेरा काम है। सीमा रक्षा करने वाले, तुझको[...]

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हरि भजे शिव शंभु महेश्वरम् – राम किशोर पाठकहरि भजे शिव शंभु महेश्वरम् – राम किशोर पाठक

0 Comments 10:51 am

हरि भजे शिव शंभु महेश्वरम् भजेऽहम् पद पंकज सुंदरम्। हरि भजे शिव शंभु महेश्वरम्।। त्रिविध ताप निवारण जायते। शरण शंभु[...]

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अपना हमें समर्पण दे दो- राम किशोर पाठकअपना हमें समर्पण दे दो- राम किशोर पाठक

0 Comments 10:17 pm

अपना हमें समर्पण दे दो – बाल कविता कूद कूदकर आते बच्चे। कुछ सहमें इठलाते बच्चे।। कहना चाह रहे कुछ[...]

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