विद्या:-मनहरण घनाक्षरी निकली है हल्की-हल्की, कहीं धूप-कहीं छांह, मौसम बेदर्द बना,पवन की चोट से। ताक-झांक कर रहा, बारबार झरोखों से,[...]
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अग्निवीर- सुरेश कुमार गौरवअग्निवीर- सुरेश कुमार गौरव
ये जीवन अग्निपथ ! इस जीवन का है सुगम-पथ अहिंसा-पथ जीवन का है, सबसे अच्छा सु-पथ। हिंसा सभ्य समाज की[...]
“मानवी”- सुरेश कुमार गौरव“मानवी”- सुरेश कुमार गौरव
हुई धरा पर जब से मैं अवतरित,श्रद्धा का पूरा आवरण हूं, नाम धराया “मानवी” व “अंशिका”,इसी का मैं अन्त:करण हूं,[...]
हृदय की गांठ खोलता ज्ञान -मीरा सिंह “मीरा”हृदय की गांठ खोलता ज्ञान -मीरा सिंह “मीरा”
ज्ञान खुशी का एक पिटारा ज्ञान बनाए जीवन न्यारा। करें जहां पर ज्ञान बसेरा रहता नहीं दुखों का डेरा। हृदय[...]
हमारा पहनावा हमारी संस्कृति- धीरज कुमारहमारा पहनावा हमारी संस्कृति- धीरज कुमार
हर भारत के वासी है, भारतीयता है पहचान हमारी। दुनिया के लोगो के बीच पहनावे से होती पहचान हमारी।। पश्चिमी[...]
चाहत – अमरनाथ त्रिवेदीचाहत – अमरनाथ त्रिवेदी
जीवन मे प्रेम का आधार हो , इसमें न छल व्यापार हो । न कालिमा -सी बात हो , न,[...]
कोई मरे कोई सैर करे-मो.मंजूर आलमकोई मरे कोई सैर करे-मो.मंजूर आलम
बाजारों में सजे हैं स्वेटर मफलर कंबल रजाई रंग बिरंग के! कुछ बच्चे ठिठुर रहे हैं पड़े हैं घरों में[...]
अतुल्य टीका- सुरेश कुमार गौरवअतुल्य टीका- सुरेश कुमार गौरव
सदियों पूर्व की गई अपने यहां “टीकाओं” की अनूठी शुरुआत एक से बढ़कर एक हुए विद्वजन किए अद्भुत संस्कृति की[...]
ठुठरती ठंड- जयकृष्णा पासवानठुठरती ठंड- जयकृष्णा पासवान
गगन में कोहरे छाऐ हुए, बादल की छलकती है शमा। जग-सारा विरान हो गए, ठुठरती ठंड की है पनाह ।।[...]
कड़ाके की ठंड- दीपा वर्माकड़ाके की ठंड- दीपा वर्मा
कड़ाके की ठंड है , ठंड बड़ी प्रचंड है । शीतलहर जारी है , हर पल सब पर भारी है।[...]
