पकड़े उन्हें न बीमारी – लावणी छंद गीत – राम किशोर पाठक

पकड़े उन्हें न बीमारी – लावणी छंद गीत आओं समझे हम नारी को, जिनकी महिमा है भारी। सृजन हमारा जिनसे होता, पकड़े उन्हें न बीमारी।। इनकी जैविक संरचना है, अलग-अलग…

माँ की सीख- स्रग्विणी छंद – राम किशोर पाठक

स्रग्विणी छंद आधारित माँ की सीख- बाल सुलभ रोज माँ टोकती है सुधारो इसे। दोष तूने किया है निहारो इसे।। भूल कोई उसे है सुहाता नहीं। रोज मैं भी उसे…

वट-सावित्री – दोहा छंद – राम किशोर पाठक

वट- सावित्री – दोहें खास अमावस ज्येष्ठ को, मिलता ऐसा योग। पति की रक्षा कर सके, नारी निज उद्योग।।०१।। सती शक्ति भूषण सदा, नारी का सम्मान। जिसके आगे हैं झुकें,…

ज्ञान दीप जलता जहाँ- दोहावली – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’

ज्ञान दीप जलता जहाँ – दोहावली “””””””‘”””‘””””””””””””””””””’””””””””””””””””’””””””” विद्यालय के छात्र को, नित्य दीजिए ज्ञान। पावन शुचिता ज्ञान ही, जीवन का उत्थान।।०१।। विद्यालय के पास से, करें गंदगी दूर। बच्चों के…

सुनो बेटियों – हिंदी गजल – राम किशोर पाठक

सुनो बेटियों – हिंदी गजल शस्त्र ले हाथ में अब अड़ो बेटियों। युद्ध तुम कालिका- सी लड़ो बेटियों।। आज तक लोग अबला समझते रहे। बोध तुम शौर्य का अब भरो…

लोरी: ममता की मीठी छाया – सुरेश कुमार गौरव

लोरी: ममता की मीठी छाया चंदा मामा पास बुलाते, तारे झिलमिल झूला झुलाते, माँ की गोदी, प्यार की बूँदें, सपनों में रसधार बहाते। दादी नानी मीठी बोली, कथा-कहानी रोज सुनाती,…

मंजिल हीं एक ठिकाना है – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’

मंजिल ही एक ठिकाना है मंजिल तक हमको जाना है चलना तो एक बहाना है, मंजिल ही एक ठिकाना है। पैरों के छाले मत देखो, मंजिल तक हमको जाना है।…

पर्यावरण संरक्षण – मनु कुमारी

पर्यावरण संरक्षण भाईयों वृक्ष लगाना, बहनों वृक्ष लगाना। पर्यावरण सुरक्षा में सब मिलकर हाथ बढ़ाना ।। भाईयों वृक्ष लगाना, बहनों वृक्ष लगाना.. जल पर हीं है जीवन सारा,जल को रोज…

अच्छा मौका खो दिया – कुण्डलिया छंद – राम किशोर पाठक

अच्छा मौका खो दिया – छंद – कुण्डलिया (०१) अच्छा मौका खो दिया, हमनें उनके पास। लौट वहाँ से आ गया, किया नहीं कुछ खास।। किया नहीं कुछ खास, मिटा…