Category: Bhawna

वंदन गुरु का करते सारे – अंजनेय छंद गीत- राम किशोर पाठकवंदन गुरु का करते सारे – अंजनेय छंद गीत- राम किशोर पाठक

0 Comments 9:27 pm

वंदन गुरु का करते सारे – अंजनेय छंद गीत गुरुवर तेरे वैभव न्यारे। वंदन गुरु का करते सारे।। जो जन[...]

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Manu Raman Chetna

गुरु पूर्णिमा – मनु कुमारीगुरु पूर्णिमा – मनु कुमारी

0 Comments 9:23 pm

गुरु पूर्णिमा पावन दिन है आज का ,जन्म लिए ऋषि व्यास। तीन लोक नौ खंड में ,मानो हुआ उजास।। वेदों,की[...]

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संस्कृतम् अहं पठामि – राम किशोर पाठकसंस्कृतम् अहं पठामि – राम किशोर पाठक

0 Comments 5:01 am

संस्कृतम् अहं पठामि भाषायाम् जननी अहं नमामि। सखे! संस्कृतम् अहं पठामि।। ज्ञानं वा विज्ञानं वा सर्वे इव धार्यते। मानवोत्थानाय सुकृतं[...]

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सहज धरा को स्वर्ग बनाएँ – अंजनेय छंद गीतिका – राम किशोर पाठकसहज धरा को स्वर्ग बनाएँ – अंजनेय छंद गीतिका – राम किशोर पाठक

0 Comments 5:57 pm

सहज धरा को स्वर्ग बनाएँ – अंजनेय छंद गीतिका आओ मिलकर देश सजाएँ। जन-मानस को पाठ पढाएँ।। सभी भेद का[...]

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Amarnath Trivedi

तू हीं जग के मालिक – अमरनाथ त्रिवेदीतू हीं जग के मालिक – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 5:48 pm

तू ही जग के मालिक तू  ही  जग के नैया , तुम्हीं    हो   खेवैया । तुम्हीं जग के मालिक ,[...]

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विवेकानंद – अहीर छंद – राम किशोर पाठकविवेकानंद – अहीर छंद – राम किशोर पाठक

0 Comments 5:42 pm

विवेकानंद – अहीर छंद मानव का निज धर्म । किए सदा शुचि कर्म।। लिए अलौकिक ज्ञान। दिए अलग पहचान।। अद्भुत[...]

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Amarnath Trivedi

वर्षा और जन-जीवन – अमरनाथ त्रिवेदीवर्षा और जन-जीवन – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 5:40 pm

वर्षा और जनजीवन वर्षा ही देती हम सबकी पहचान । इसके बगैर  निकल रही सबकी जान ।। बिन वर्षा के[...]

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जल बूँदों के संग में – मुक्तामणि छंद गीत- राम किशोर पाठकजल बूँदों के संग में – मुक्तामणि छंद गीत- राम किशोर पाठक

0 Comments 5:30 pm

जल बूँदों के संग में – मुक्तामणि छंद गीत वर्षा आती देखकर, झूम उठे हैं सारे। जल बूँदों के संग[...]

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Amarnath Trivedi

प्रेम जहाँ पग-पग मिलता – अमरनाथ त्रिवेदीप्रेम जहाँ पग-पग मिलता – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 10:40 pm

प्रेम जहाँ पग-पग मिलता देश हमारा सबसे न्यारा , लगता कितना प्यारा है ! जग के सारे देशों से ,[...]

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