Category: Bhawna

Amarnath Trivedi

तू हीं जग के मालिक – अमरनाथ त्रिवेदीतू हीं जग के मालिक – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 5:48 pm

तू ही जग के मालिक तू  ही  जग के नैया , तुम्हीं    हो   खेवैया । तुम्हीं जग के मालिक ,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

विवेकानंद – अहीर छंद – राम किशोर पाठकविवेकानंद – अहीर छंद – राम किशोर पाठक

0 Comments 5:42 pm

विवेकानंद – अहीर छंद मानव का निज धर्म । किए सदा शुचि कर्म।। लिए अलौकिक ज्ञान। दिए अलग पहचान।। अद्भुत[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Amarnath Trivedi

वर्षा और जन-जीवन – अमरनाथ त्रिवेदीवर्षा और जन-जीवन – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 5:40 pm

वर्षा और जनजीवन वर्षा ही देती हम सबकी पहचान । इसके बगैर  निकल रही सबकी जान ।। बिन वर्षा के[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

जल बूँदों के संग में – मुक्तामणि छंद गीत- राम किशोर पाठकजल बूँदों के संग में – मुक्तामणि छंद गीत- राम किशोर पाठक

0 Comments 5:30 pm

जल बूँदों के संग में – मुक्तामणि छंद गीत वर्षा आती देखकर, झूम उठे हैं सारे। जल बूँदों के संग[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Amarnath Trivedi

प्रेम जहाँ पग-पग मिलता – अमरनाथ त्रिवेदीप्रेम जहाँ पग-पग मिलता – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 10:40 pm

प्रेम जहाँ पग-पग मिलता देश हमारा सबसे न्यारा , लगता कितना प्यारा है ! जग के सारे देशों से ,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Nitu Rani

माँ तुम कितनी अच्छी हो – नीतू रानीमाँ तुम कितनी अच्छी हो – नीतू रानी

0 Comments 10:38 pm

माँ तुम कितनी अच्छी हो। माँ माँ तुम कितनी अच्छी हो सब कुछ मेरा करती हो, जब मैं गंदा होता[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Snehlata

अब सुबह हुई जागो- स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’अब सुबह हुई जागो- स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’

0 Comments 10:34 pm

अब सुबह हुई जागो क्या ऐसी सुबह होगी, जब दोष शमन होगा? इस रात का अंधियारा,जब जड़ से खतम होगा,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

जगन्नाथपुरी रथयात्रा – राम किशोर पाठकजगन्नाथपुरी रथयात्रा – राम किशोर पाठक

0 Comments 9:42 pm

जगन्नाथपुरी रथ-यात्रा- दोहें उत्कल प्रदेश में चलें, जहाँ ईश का धाम। शंख- क्षेत्र, श्रीक्षेत्र है, उसी पुरी का नाम।।०१।। युगल[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Amarnath Trivedi

सारे जग में नाम होगा उसी का – अमरनाथ त्रिवेदीसारे जग में नाम होगा उसी का – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 9:39 pm

सारे जग में नाम होगा उसी का सारे जग में नाम होगा उसी का , जिसके कर्मों से भाग्य जुड़ेगा[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

भरना इन्हें उड़ान है – प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठकभरना इन्हें उड़ान है – प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:59 pm

भरना इन्हें उड़ान है – प्रदीप छंद गीत बच्चों को हम बच्चा मानें, देना उनको ज्ञान है। नहीं बोध है[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें