Category: Bhawna

Jaykrishna

आख़िर हूं मैं कहां-जयकृष्णा पासवानआख़िर हूं मैं कहां-जयकृष्णा पासवान

0 Comments 8:39 pm

उड़ता है मन, परिंदों का आसमां । खिलता हुआ फूल, भंवरों का नग़मा।। ढुंढने चल पड़ा मैं, खुशियों का जहां।[...]

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Amarnath Trivedi

सच्चा पुरुषार्थ-अमरनाथ त्रिवेदीसच्चा पुरुषार्थ-अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:52 pm

है पुरुष वही सच्चा जिसमे , पुरुषार्थ भरा हो तन – मन मे । जीवन जीता हो परहित में ,[...]

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Manu

प्रथम रश्मि – मनु कुमारीप्रथम रश्मि – मनु कुमारी

0 Comments 12:20 pm

प्रथम रश्मि का आना रंगिणी! तूने कैसे पहचाना? कहां – कहां हे बाल हंसनि! पाया तूने यह गाना? सोये थे[...]

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Amarnath Trivedi

गुण – अवगुण- अमरनाथ त्रिवेदीगुण – अवगुण- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 9:07 pm

गुण -अवगुण धर्मिता को , प्रकृति भी वरण करती है । जहाँ प्रकृति सृजन है करती , विनाश बीज भी[...]

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Amarnath Trivedi

कर्त्तव्य- अमरनाथ त्रिवेदीकर्त्तव्य- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 9:12 pm

देव -दृष्टि का स्वपुँज , कर में लिए क्यों फिरते हो ? संतप्त हो या अभिशप्त अभी , कुछ क्यों[...]

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Jainendra

जीवन का फ़लसफ़ा -जैनेन्द्र प्रसाद रवि’जीवन का फ़लसफ़ा -जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 8:30 pm

सभी करते आनंद यहां अपने वजूद में, बड़े कामकाज करें, बच्चे खेलकूद में। किशोर तो विद्यालय जाएं करने पढ़ाई को,[...]

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Amarnath Trivedi

ज्ञान के आलोक में -अमरनाथ त्रिवेदीज्ञान के आलोक में -अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:09 pm

ज्ञान के आलोक में , अज्ञानता को छोड़ दो । जलन की ; हठधर्मिता की , सारे बंधन तोड़ दो[...]

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