मुँह में राम दिल मे छुरी , लेकर न कभी जिया करो । ऐसा न कभी किया करो । ।[...]
Category: Bhawna
सूरज महान है-एस.के.पूनमसूरज महान है-एस.के.पूनम
विद्या:-मनहरण घनाक्षरी व्योम,धरा प्रभा भरी,उष्णता से शीत डरी, दूर किया थरथरी,यही पहचान है। अश्व पर बैठ चले,संसार में ज्योत जले,[...]
आख़िर हूं मैं कहां-जयकृष्णा पासवानआख़िर हूं मैं कहां-जयकृष्णा पासवान
उड़ता है मन, परिंदों का आसमां । खिलता हुआ फूल, भंवरों का नग़मा।। ढुंढने चल पड़ा मैं, खुशियों का जहां।[...]
कर्म -वाणी-अमरनाथ त्रिवेदीकर्म -वाणी-अमरनाथ त्रिवेदी
जिस ओर हम पग धरें , सुकर्म सम्मत नीति से । फिर हार हो सकती नही , चाहे कोई भी[...]
सच्चा पुरुषार्थ-अमरनाथ त्रिवेदीसच्चा पुरुषार्थ-अमरनाथ त्रिवेदी
है पुरुष वही सच्चा जिसमे , पुरुषार्थ भरा हो तन – मन मे । जीवन जीता हो परहित में ,[...]
प्रथम रश्मि – मनु कुमारीप्रथम रश्मि – मनु कुमारी
प्रथम रश्मि का आना रंगिणी! तूने कैसे पहचाना? कहां – कहां हे बाल हंसनि! पाया तूने यह गाना? सोये थे[...]
गुण – अवगुण- अमरनाथ त्रिवेदीगुण – अवगुण- अमरनाथ त्रिवेदी
गुण -अवगुण धर्मिता को , प्रकृति भी वरण करती है । जहाँ प्रकृति सृजन है करती , विनाश बीज भी[...]
कर्त्तव्य- अमरनाथ त्रिवेदीकर्त्तव्य- अमरनाथ त्रिवेदी
देव -दृष्टि का स्वपुँज , कर में लिए क्यों फिरते हो ? संतप्त हो या अभिशप्त अभी , कुछ क्यों[...]
जीवन का फ़लसफ़ा -जैनेन्द्र प्रसाद रवि’जीवन का फ़लसफ़ा -जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
सभी करते आनंद यहां अपने वजूद में, बड़े कामकाज करें, बच्चे खेलकूद में। किशोर तो विद्यालय जाएं करने पढ़ाई को,[...]
एक सच्चाई- नवाब मंजूरएक सच्चाई- नवाब मंजूर
सत्य से जो दूर है वही मद में चूर है लोभ भी भरपूर है इसी भ्रम में मानता स्वयं को,[...]
