युग है यह निर्माण का, नूतन अनुसंधान का। हम भी कुछ योगदान करें, अपना चरित्र निर्माण करें। प्रकृति ने है[...]
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शिक्षक दिवस-गिरिधर कुमारशिक्षक दिवस-गिरिधर कुमार
स्वागत है शिक्षक दिवस का, शाश्वत और सत्य पथ का, आलोक का वह श्रोत है, सरल सहज विनीत है, गरिमामयी,[...]
एक श्रद्धांजलि-गिरिधर कुमारएक श्रद्धांजलि-गिरिधर कुमार
वह बरगद, वह बरगद की छांव… सभी के लिए स्वीकार मन में, सभी के लिए प्यार मन में, वह छांव[...]
रिश्तों की डोर बेजोड़-विवेक कुमाररिश्तों की डोर बेजोड़-विवेक कुमार
अटूट प्रेम की पक्की डोर, टूटे कभी न इसका जोड़, इस रिश्ते का न कोई तोड़, माथे तिलक, रोरी और[...]
कबीर दासकबीर दास
कबीर दास जी की जयंती पर याद करते हुए… 🙏 सच से सामना करवाते है। झूठ –[...]
क्षमा भाव को समझे- धीरज कुमारक्षमा भाव को समझे- धीरज कुमार
है इंसान का जीवन पाया तो… गलती तो सभी से होती है। हम चाहे जितना भी भूल ना हो…[...]
मैं हूँ नारी- मधु कुमारीमैं हूँ नारी- मधु कुमारी
मैं हूँ नारी ——— मैं हूँ नारी एक धधकती सी चिंगारी प्रगति पथ की हूँ अधिकारी सृष्टि की सुंदर कृति[...]
मैं शिक्षक हूँमैं शिक्षक हूँ
मैं शिक्षक हूँ मैं शिक्षक हूँ,शिक्षा दान करता हूँ नित नये भारत का निर्माण करता हूँ। सुबह से शाम तक[...]
मित्रता-अपराजिता कुमारीमित्रता-अपराजिता कुमारी
मित्रता दो अक्षर का यह शब्द ‘मित्र आत्मीयता, घनिष्ठता, मित्रता से अपरिचित भी हो जाते परिचित मित्रता में सहयोग,[...]
उद्बोध-गिरिधर कुमारउद्बोध-गिरिधर कुमार
स्वप्निल सा कुछ, टूटता, सँवरता… जिद से, कभी अपने ही मूल्यों से, अतृप्त, बेपरवाह, अकिंचन, अद्भुत… मनोरोग कोई या जिजीविषा[...]
