हिन्दी के बिन्दी को मस्तक पर नित सजा चमकाएँगे, सर आँखों पे बिठाएँगे। यह भारत माँ का, गहना है। हिन्दी[...]
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हिंदी – अवनीश कुमारहिंदी – अवनीश कुमार
भारतवासियों के भावों की अभिव्यक्ति हिंदी। जन- जन, गण- गण, मन-मन में पुष्पित पल्लवित हिंदी।। सुजलाम सुफलाम् मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलाम्[...]
हिंदी राष्ट्रभाषा- रूचिकाहिंदी राष्ट्रभाषा- रूचिका
हिंदी मेरी जुबान हिंदी मेरी पहचान, कभी भावनाओं के ज्वार थामे, कभी जज्बातों को दे पहचान। हिंदी मेरी[...]
किसने रोका है – गिरीन्द्र मोहन झाकिसने रोका है – गिरीन्द्र मोहन झा
अंधेरा घोर घना है, एक बत्ती जलाने से किसने रोका है? प्रदूषण है यदि बहुत अधिक, एक पेड़ लगाने से[...]
मेरी अभिलाषा – डॉ स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’मेरी अभिलाषा – डॉ स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
अभिलाषा अहर्निश है मेरी संताप हरने की। जीवन में सत्य सुन्दर और अतुलित प्राण भरने की। समर्पित इस धरा को[...]
करें इन्हें शत् शत् प्रणाम – नीतू रानीकरें इन्हें शत् शत् प्रणाम – नीतू रानी
शिक्षक के प्रति एक अहसास, शिक्षक दिवस को बनाएँ खास। गुरु बिनु ज्ञान न उपजै , गुरु बिनु मिलै न[...]
गुरु माना है हम आपको- अभिनव कुमारगुरु माना है हम आपको- अभिनव कुमार
जीवन तो समंदर की लहरों में रहता था, और मैं कश्ती लिए किनारे किनारे बहता था। बस सुनता था[...]
सम्मान – भवानंद सिंहसम्मान – भवानंद सिंह
शिक्षक हूँ, बस मान चाहिए। थोड़ा- सा सम्मान चाहिए।। कोरा कागज हो, या हो पानी उसमें रंग मैं भरता हूँ।[...]
