Category: Bhawna

suresh kumar gaurav

अतुल्य टीका- सुरेश कुमार गौरवअतुल्य टीका- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 8:45 pm

सदियों पूर्व की गई अपने यहां “टीकाओं” की अनूठी शुरुआत एक से बढ़कर एक हुए विद्वजन किए अद्भुत संस्कृति की[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jaykrishna

ठुठरती ठंड- जयकृष्णा पासवानठुठरती ठंड- जयकृष्णा पासवान

0 Comments 8:35 pm

गगन में कोहरे छाऐ हुए, बादल की छलकती है शमा। जग-सारा विरान हो गए, ठुठरती ठंड की है पनाह ।।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
S K punam

सूरज महान है-एस.के.पूनमसूरज महान है-एस.के.पूनम

0 Comments 8:22 pm

विद्या:-मनहरण घनाक्षरी व्योम,धरा प्रभा भरी,उष्णता से शीत डरी, दूर किया थरथरी,यही पहचान है। अश्व पर बैठ चले,संसार में ज्योत जले,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jaykrishna

आख़िर हूं मैं कहां-जयकृष्णा पासवानआख़िर हूं मैं कहां-जयकृष्णा पासवान

0 Comments 8:39 pm

उड़ता है मन, परिंदों का आसमां । खिलता हुआ फूल, भंवरों का नग़मा।। ढुंढने चल पड़ा मैं, खुशियों का जहां।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Amarnath Trivedi

सच्चा पुरुषार्थ-अमरनाथ त्रिवेदीसच्चा पुरुषार्थ-अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:52 pm

है पुरुष वही सच्चा जिसमे , पुरुषार्थ भरा हो तन – मन मे । जीवन जीता हो परहित में ,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Manu

प्रथम रश्मि – मनु कुमारीप्रथम रश्मि – मनु कुमारी

0 Comments 12:20 pm

प्रथम रश्मि का आना रंगिणी! तूने कैसे पहचाना? कहां – कहां हे बाल हंसनि! पाया तूने यह गाना? सोये थे[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Amarnath Trivedi

गुण – अवगुण- अमरनाथ त्रिवेदीगुण – अवगुण- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 9:07 pm

गुण -अवगुण धर्मिता को , प्रकृति भी वरण करती है । जहाँ प्रकृति सृजन है करती , विनाश बीज भी[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें