प्रेम की पतंग-मनु कुमारी

मकरसंक्रांति आओ, मिलकर मनाते हैं,  प्रेम की पतंग पिया हम ,साथ में उड़ाते हैं।। रंग बिरंगी फूलों से हम आशियां को सजाते हैं। प्रेम की पतंग पिया हम साथ में…

लोहड़ी पर्व -मनु कुमारी

खुशियां लेकर लोहड़ी आई। सबके मन उमंग है छाई। सुख समृद्धि संग लेकर आती। सबको प्रेम से गले लगाती। पुराने फसल हैं काटे जाते। साथ नये फिर बोये जाते।  …

नव वर्ष के एलै बहार – नीतू रानी

नव वर्ष के एलै बहार बहार मेरी सखिया, नजदीक एलै पर्व त्योहार  त्योहार मेरी सखिया। नव वर्ष केअ —–२। तिला संक्रांति एलै  महाशिवरात्रि एलै, एलै राष्ट्रीय त्योहार  त्योहार मेरी सखिया।…

कार्तिक पावन पूर्णिमा – गीतिका- राम किशोर पाठक

कार्तिक पावन पूर्णिमा, महिमा कहे बखान।कट जाता है पाप सब, कर गंगा में स्नान।। भीड़ उमड़ती घाट पर, मनहर लगता आज।दान-पुण्य भी कर रहे, कर्म सभी निज मान।। आओ हम…

भाई दूज…नीतू रानी

कार्तिक के महीना भरदूतिया के अछी शोर,जहिना एथिन भैया हम लागब हुनका गोअर। गाए गोबर लाए अंगना निपाएब अरबा चौर पीसी हम ऐरपन बनाएब,ताहि पर देब लाल सिंदूरक ठोपजहिना एथिन…

गोवर्धन धारी -रामकिशोर पाठक

गोवर्धन धारी – गीतिका गोवर्धन की पूजा करने, निकले हैं सब नर नारी। करके मर्दन मान इंद्र का, झूम रहे गिरिवर धारी।। गोकुल वासी पूजन करते, सुरपति खुश हो जाते…