Category: padyapankaj

Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.

Awanish Kumar Avi

अच्छा लगूंगा – अवनीश कुमारअच्छा लगूंगा – अवनीश कुमार

0 Comments 9:25 pm

मै अच्छा लगूंगा ही नहीं अच्छा दिखूंगा भी सही मै अच्छा लगूंगा ही नहीं अच्छा दिखूंगा भी सही मेरी कमियों[...]

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Jainendra

मतदान – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’मतदान – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 6:54 pm

विषय:- मतदान जलहरण घनाक्षरी छंद चुनावी त्यौहार आया, वादों की बहार लाया, लगाते हैं नारे सभी, नए-नए गढ़कर। भीड़ होती[...]

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S K punam

मतदान- एस.के.पूनममतदान- एस.के.पूनम

0 Comments 6:51 pm

विधा:-जलहरण घनाक्षरी विषय:-मतदान। चुनाव का शंखनाद, स्वपनों का डाले खाद, देने को वचनबद्ध,नव रीत गढ़कर। पूनम की चाँद आज, करे[...]

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S K punam

सम्मान मिले अपार- एस.के.पूनमसम्मान मिले अपार- एस.के.पूनम

0 Comments 4:16 pm

विधा:-रूपघनाक्षरी सम्मान पाकर कवि, पाते हैं हर्षित छवि, नित्य दिन लेख छपे,ऐसा करे विचार। आलस्य को त्याग कर, शनैः शनै[...]

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Devkant

मनहरण घनाक्षरी- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’मनहरण घनाक्षरी- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 7:31 pm

प्रातः हम जग जाएँ, शीतल समीर पाएँ, प्राची की लालिमा देख, कदम बढ़ाइए। हरे-भरे तरु प्यारे, लगते सलोने न्यारे, इनके[...]

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Devkant

दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 9:17 pm

श्रमिक दिवस पर हम सभी, करें श्रमिक-सम्मान। श्रम की निष्ठा में निहित, नवल शक्ति पहचान।। श्रम को जीवन धारिए, करिए[...]

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Devkant

विधा: कुंडलिया – देव कांत मिश्र ‘दिव्यविधा: कुंडलिया – देव कांत मिश्र ‘दिव्य

0 Comments 9:14 pm

आओ मिलकर हम सभी, करें श्रमिक सम्मान। श्रम की निष्ठा में निहित, नवल शक्ति पहचान।। नवल शक्ति पहचान, दिव्य आँखों[...]

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S K punam

कैसी ये पहेलियाँ- एस.के.पूनमकैसी ये पहेलियाँ- एस.के.पूनम

0 Comments 5:03 pm

मनहरण घनाक्षरी (कैसी ये पहेलियाँ) पतझड़ में पत्तियां, दूर चली उड़कर, शांत मौन नभचर,सूनी-सूनी डालियाँ। कलियाँ भी मुर्झाकर, बिखरी है[...]

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S K punam

धोखे से बचाता हूँ – एस.के.पूनम।धोखे से बचाता हूँ – एस.के.पूनम।

0 Comments 9:11 pm

कृष्णाय नमः मनहरण घनाक्षरी (धोखे से बचाता हूँ ) चलें चल पाठशाला, देखो खुल गया ताला, गुरु खड़े द्वार पर,उनको[...]

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S K punam

प्रकृति हुई हैरान – एस.के.पूनम।प्रकृति हुई हैरान – एस.के.पूनम।

0 Comments 9:04 pm

चल रही गर्म हवा, पशु पंछी हलकान, नीड़ में दुबक गए,गगन भी सुनसान। हिम भी पिघल कर, उड़ गए वाष्प[...]

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