पद्यपंकज Uncategorized सूरज:कार्तिक कुमार

सूरज:कार्तिक कुमार



सूरज पहला जीवनदाता, जग में लाता नया प्रकाश।
सूरज दूसरा आशा बनकर, भर देता मन में उल्लास।
पहली किरण जग को जगाती, देती कर्म का संदेश।
दूसरी किरण मुस्काती आकर, मिटा देती हर क्लेश।
अंधियारे को दूर भगाकर, ज्ञान की ज्योति फैलाता है।
धरती, अम्बर और सागर को, स्वर्णिम रंग पहनाता है।
मेहनत करने वालों का, सूरज सच्चा मित्र कहलाता।
हर दिन नई उमंग जगाकर, जीवन का पथ दिखलाता।
आओ सूरज से सीखें हम, हर दिन आगे बढ़ते जाएँ।
अपने कर्मों से इस जग में, उजियारा ही फैलाएँ।


जिला शिक्षा पुरस्कार प्राप्त शिक्षक
मध्य विद्यालय कटरमाला, गोरौल, वैशाली (बिहार)

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