नारी बेचारी,पापा की प्यारी, भैया की दुलारी। मायके की लाज बचाती, ससुराल की आन निभाती। काम के बोझ की मारी, थकी-हारी ,नारी बेचारी। सबके लिए बनी नारी, उसकी नहीं होती,…
Category: padyapankaj
Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
उज्ज्वल रखना भाल – मनु कुमारी
इम्तिहान का आ गया,सुंदर सा परिणाम। उल्लासित बच्चे यहां, खूब करेंगे नाम।। बच्चे निर्धन के सदा, पढ़ते मन चित लाय। शिक्षा हेतु और नहीं,कोई यहां उपाय।। नैतिकता की सीख ले,…
मानव – दीपा वर्मा
मानव अपने दंभ मे ..किमी की सुनता नहीं. मैं सबसे उत्तम बस यही, वह जानता है। कोई हमसे भी श्रेष्ठ हो सकता है,वह कभी मानता नहीं। अपने इस गुमान मे,…
कर्म-पथ – सुरेश कुमार गौरव
जिस पथ में चला सत्य है यह कर्म-पथ उतार तो कहीं चढ़ाव का है यह सु-पथ! जीवन के हर मोड़ पर उनको देखा सदा वो पूरा भी न कर सके…
गुरू की महिमा – दीपा वर्मा
हो रहा अत्याचार है, हम लाचार हैं। मन हो रहा दुखी क्योकि आज हम बीमार हैं न भोजन भावे,न नींद आवे न कोई और चीजों से सरोकार है। पर इन…
बंधन – सुरेश कुमार गौरव
जीवन एक विश्वास रुपी है अनोखा बंधन, रक्त के तो कहीं बिना रक्त के कहलाते बंधन, हर्ष-विषाद,खट्टी-मीठी और अनोखी यादों का, भरोसे, धैर्य, विश्वास, प्रेम,आशामय रुप का, पर जीवन एक…
बाली रे उमरिया – जैनेन्द्र प्रसाद रवि
प्रभाती पुष्प मनहरण घनाक्षरी छंद बाली रे उमरिया 🌹🌹🙏🙏🌹🌹 एक दिन राधा रानी भरने को गई पानी, भूल बस चली गई, गोकुल नगरिया। देख के सुंदर गांव ठिठक गई थी…
कविता – दीपावर्मा
कविता सोच कर किया नही जाता। यह तो मन के भावो की कहानी है। हृदय के उद्गार को शब्दो मे पिरोया जाता है। फिर उसे सुर और ताल से सजाया…
होली – संजय कुमार
कुसुम किसलय खिलते हैं कुंञ्ज उपवन वाग में कोकिल मधुर कूकते हैं आम्र मंजर वाग में आग लगते हैं पलाश के फाग के ही मास में हवा मादकता लिए झूमते…
कोरोना भाई – नीतू रानी
विषय -मेरी माँ शीर्षक -सबसे अच्छा कोरोना भाई कोरोना भाई मेरे लिए अच्छा रहा ईस्वी १९, से २३ का करोना जो मेरी माँ को कहा अभी माँजी आपको नहीं है…