Category: padyapankaj

Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.

Devkant

दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 6:12 pm

उत्तरायणी पर्व का, हुआ सुखद आगाज। ढोल नगाड़े बज रहे, होंगे मंगल काज।। सूरज नित अभिराम है, जीवन का आधार।[...]

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Devkant

मुक्तक – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’मुक्तक – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 2:20 pm

हमारे देश की हिंदी, सुशोभित सौम्य-सी लगती। यही है भाल की बिंदी, बड़े ही गर्व से सजती।। मधुर रस भाव[...]

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S K punam

बैलगाड़ी हाँकते – एस.के.पूनमबैलगाड़ी हाँकते – एस.के.पूनम

0 Comments 2:19 pm

विधा:-मनहरण घनाक्षरी कड़कड़ाती ठंड है, प्रकाश की तलाश है, सूरज की प्रतीक्षा में,प्राची दिशा झाँकते। पक्षियों का कलरव, शबनम चमकती,[...]

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Jainendra

जीवन का आधार – जैनेन्द्र प्रसाद रविजीवन का आधार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 1:07 pm

धर्म बिना नर ऐसे जैसे अश्व रास बिना, लोगों के जीवन का धर्म ही आधार है। जीवन सफर में जो[...]

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Jainendra

ठंड का प्रकोप- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’ठंड का प्रकोप- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 7:07 pm

पशु पक्षी सरीसर्प बैठे हैं दुबक कर, आज आधा भारत है शीत की आगोश में। कड़ाके की ठंडक से हाथ[...]

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Jainendra

प्रेम उपहार-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’प्रेम उपहार-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 7:02 pm

मनहरण घनाक्षरी छंद सबकी बनाए भाल चौबीस का नया साल, साथियों के लिए लाए, खुशियां अपार है। आप सभी छोटे[...]

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