एक था नन्हा बालक, छिन गया जिसका बचपन, जो पार किया था अभी, उम्र का आठवां सावन। अपने पिता को[...]
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Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
युगपुरुष- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”युगपुरुष- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”
जीवन में कुछ करना है तो, आलस को तजना होगा। बगैर रुके और बिना थके,नित्य तुम्हें चलना होगा।। सपने[...]
गीत – सुधीर कुमारगीत – सुधीर कुमार
सबको मिलकर लड़ना होगा। हरदम आगे बढ़ना होगा ।। महँगाई से लड़ना है अब , जिसने लूटा चैन सभी का[...]
दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
पावन कार्तिक मास में, करें छठी का ध्यान। गुणवंती करुणामयी, महिमा बड़ी महान।। जग की आत्मा सूर्य को, करें नित्य[...]
छठ पर्व – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’छठ पर्व – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
विद्या:- मनहरण घनाक्षरी छंद छठ व्रती आस रख, मन में विश्वास रख, खुद निराहार रह, करते हैं खरना। शाम-सुबह सूर्य[...]
विकास की मार – जैनेन्द्र प्रसाद रविविकास की मार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि
चहुओर चकाचौंध दिवाली की रात है। सफाई के साथ लाई खुशी की सौगात है।। बल्बों की लड़ियों से घरों को[...]
दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
दीप जलें जब द्वार पर, मिलता नवल प्रकाश। खुशियाँ अंतस् तब मिलीं, हुआ तिमिर का नाश।। दीप अवलि में सज[...]
केवल प्रकाश है – एस.के.पूनमकेवल प्रकाश है – एस.के.पूनम
प्रिय दीप बनकर, हिया करे जगमग, शेष नहीं अब दंभ,केवल प्रकाश है। नित्य दीया जल कर, बिखरने लगी आभा, उज्जवल[...]
मानवता हीं धर्म है – नीतू रानीमानवता हीं धर्म है – नीतू रानी
मेरा मानवता हीं धर्म है यदि मानव ,मानव न बन सका तो मानव के लिए तब शर्म है मेरा मानवता[...]
नाम की महिमा – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’नाम की महिमा – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
सूर – रसखान करें महिमा की गुण गान, छोड़ जग दिन रात, मीरा जपी राधे श्याम। नाम का सहारा ले[...]
