जितिया पावैन बड़ भारी अपन धिया पुता लेअ करै ये सबके महतारी जितिया पावैन ———२ एक दिन पहिले नहाअखाए खाय[...]
Category: padyapankaj
Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
That man in Frail looking Frame -Ashish kumar pathakThat man in Frail looking Frame -Ashish kumar pathak
That frail looking man in Flesh and blood Yet Courage personified and so do his true words Although his focus[...]
साबरमती के संत – संजय कुमारसाबरमती के संत – संजय कुमार
साबरमती के संत आप हमेशा याद आएंगे। युगों-युगों तक आपके आदर्श एक नया मार्ग दिखलाएंगे। सत्य,अहिंसा की राह चल हम[...]
वर्तमान का भी इतिहास लिखा जाएगा – संजयवर्तमान का भी इतिहास लिखा जाएगा – संजय
गुजर रहे वर्तमान का जब इतिहास लिखा जाएगा भारत की आत्मा को जिस ने रुलाया है इतिहास में उसका भी[...]
ज्ञान चक्षु अब खोल – एस.के.पूनमज्ञान चक्षु अब खोल – एस.के.पूनम
विधा:-रूप घनाक्षरी आनंद की तलाश में, भटकता यहाँ-वहाँ , पर द्वंद साथ लिए,घूम रहा गोल- गोल। चल कर थक गया,[...]
पाठक सरकार – नीतू रानीपाठक सरकार – नीतू रानी
हे बहिना एलखिन पूर्णियाँ जिला पाठक सरकार हे स्वागत में शिक्षकगण ठार हे ना। केलखिन्ह पूर्णियाँ के स्कूल जाँच नै[...]
प्रेम रस घोलती – एस.के.पूनमप्रेम रस घोलती – एस.के.पूनम
कलकल झरझर, बहती है निर्झरिणी, साहिल से टकराते ही लहरें बोलती। प्रवाह हो अवरुद्ध, बहती है कटकर, जीवन में यही[...]
दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
चंद्रयान है चाँद पर, हर्षित भारत देश। वैज्ञानिक सब धन्य हैं, देख सुखद परिवेश।। जय जय भारत देश में, जय[...]
मैं हिंदी हूँ – संजय कुमारमैं हिंदी हूँ – संजय कुमार
भारत माता की ललाट पर देदीप्यमान एक बिंदी हूँ, मैं हिंदी हूँ। भाषाओं की हूँ सिरमौर प्रसार मेरा है हर[...]
देश भाल की मैं बिन्दी हूँ – मनु रमण “चेतना”देश भाल की मैं बिन्दी हूँ – मनु रमण “चेतना”
सुन लो बच्चों! मैं हिन्दी हूँ, देश-भाल की मैं बिन्दी हूँ । जीवन की नव परिभाषा हूँ, अपनेपन की जिज्ञासा[...]
