कलाधर छंद – रामपाल प्रसाद सिंह अनजान सुधीर छोड़ते निशान हैं। भारतीय लोग हैं विचारवान पुण्यवान, देश में यहाॅं-वहाॅं नई-नई[...]
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Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
स्वास्थ्य – बैकुंठ बिहारीस्वास्थ्य – बैकुंठ बिहारी
स्वास्थ्य – बैकुंठ बिहारी स्वास्थ्य का ध्यान रखिए, यह प्रकृति की अनुपम भेट है। उत्तम स्वास्थ्य ऊर्जा प्रदान करता है,[...]
उमर हमर नौनिहाल यौ – मनु कुमारीउमर हमर नौनिहाल यौ – मनु कुमारी
उमर हमर नौनिहाल यौ – मनु कुमारी बाबूजी कियै करैछी हमर बाल विवाह यौ। उमर हमर नौनिहाल यौ ना।। ई[...]
बाल-विवाह – रत्ना प्रियाबाल-विवाह – रत्ना प्रिया
बाल-विवाह – रत्ना प्रिया ब्याह नहीं कोमल कलियों का फूलों-सा खिल जाने दो, बचपन, शिक्षा और यौवन को, मंजिल तो[...]
ठंड का प्रभाव – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’ठंड का प्रभाव – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
ठंड का प्रभाव – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’ मनहरण घनाक्षरी छंद जाड़े में जो कुहासे से बढ़ जाती ठंड जब, अत्यधिक[...]
बगिया (बिहारी मोमोज) – मनु कुमारीबगिया (बिहारी मोमोज) – मनु कुमारी
बगिया (बिहारी मोमोज) – मनु कुमारी बगिया ! मिथिलाक व्यंजन ,पौष्टिकता सौं भरपूर । घूर तापू सब मिल बगिया खाउ[...]
बसंत- दोहा छंद गीत – राम किशोर पाठकबसंत- दोहा छंद गीत – राम किशोर पाठक
बसंत- दोहा छंद गीत – राम किशोर पाठक सर्दी से है काँपते, जाने कब हो अंत। हमें बचाने आ रहा,[...]
आँसू और खामोशी-कुण्डलिया – राम किशोर पाठकआँसू और खामोशी-कुण्डलिया – राम किशोर पाठक
आँसू और खामोशी- कुण्डलिया आँसू मेरे नैन में, पत्नी देखी आज। तंज कसी जमकर तभी, कैसा रहा मिजाज।। कैसा रहा[...]
चित्राधारित सृजन करता मैं रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ छंद विधाताचित्राधारित सृजन करता मैं रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ छंद विधाता
चित्राधारित सृजन करता मैं रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ छंद विधाता यहाॅं कुछ लोग हैं दिखते, सुवासित कर रहे जग को।[...]
मन वीणा की तुम झंकार बनो – मनु कुमारीमन वीणा की तुम झंकार बनो – मनु कुमारी
मन वीणा की तुम झंकार बनो – मनु कुमारी तुमपर तन मन दुनियां वारी, भटकी मैं प्रेम की गलियारी। सुध[...]
