आओ मिलकर हम सभी, करें श्रमिक सम्मान। श्रम की निष्ठा में निहित, नवल शक्ति पहचान।। नवल शक्ति पहचान, दिव्य आँखों[...]
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Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
कैसी ये पहेलियाँ- एस.के.पूनमकैसी ये पहेलियाँ- एस.के.पूनम
मनहरण घनाक्षरी (कैसी ये पहेलियाँ) पतझड़ में पत्तियां, दूर चली उड़कर, शांत मौन नभचर,सूनी-सूनी डालियाँ। कलियाँ भी मुर्झाकर, बिखरी है[...]
धोखे से बचाता हूँ – एस.के.पूनम।धोखे से बचाता हूँ – एस.के.पूनम।
कृष्णाय नमः मनहरण घनाक्षरी (धोखे से बचाता हूँ ) चलें चल पाठशाला, देखो खुल गया ताला, गुरु खड़े द्वार पर,उनको[...]
प्रकृति हुई हैरान – एस.के.पूनम।प्रकृति हुई हैरान – एस.के.पूनम।
चल रही गर्म हवा, पशु पंछी हलकान, नीड़ में दुबक गए,गगन भी सुनसान। हिम भी पिघल कर, उड़ गए वाष्प[...]
बच्चों का पालन – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’बच्चों का पालन – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
छंद:- जलहरण घनाक्षरी उचित माहौल बीच, बच्चों का पालन करें, उसका असर आगे, होता परिवार पर। मित्र-सहपाठी संग, कहां होता[...]
मनहरण घनाक्षरी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’मनहरण घनाक्षरी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
छंद:- मनहरण घनाक्षरी नदी बीच बिना चीर कभी ना नहाना नीर, सबक सिखाते हमें, सांवला सांवरिया। प्यार को जगाने हेतु[...]
शरणागत की रक्षा – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’शरणागत की रक्षा – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
प्रभाती पुष्प जलहरण घनाक्षरी छंद बक्सर में ऋषियों के यज्ञ को सफल किया, अनुज लखन संग, ताड़का को मार कर।[...]
पति को विश्वास है- एस.के.पूनमपति को विश्वास है- एस.के.पूनम
🙏ऊँ कृष्णाय नमः🙏 हास्यरस(मनहरण घनाक्षरी) कह रही धर्मपत्नी, रहने को मौन ठानी, ऐसी मिथ्या धरा पर,पात्र परिहास है। संगिनी बेलन[...]
मनहरण घनाक्षरी छंद में – जैनेन्द्र प्रसाद रविमनहरण घनाक्षरी छंद में – जैनेन्द्र प्रसाद रवि
प्रभाती पुष्प मनहरण घनाक्षरी छंद में पति व पत्नी के बीच नहीं करें कोई जिच, हमेशा बना कर रखें, आपस[...]
गिरगिट भी शर्माए – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’गिरगिट भी शर्माए – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
सुबह में किस दल रात में जाएं बदल, नेताओं के रंग देख, गिरगिट भी शर्माए। चुनाव के समय में नए-नए[...]
