Category: padyapankaj

Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.

Devkant

फूल – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’फूल – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 9:41 pm

लगते कितने पुष्प अभिराम गहरा चिंतन कर लो मानव। फूलों-सा नित बनिए ललाम करो नष्ट मत बनकर दानव।। फूल प्रकृति[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Devkant

श्रावण- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’श्रावण- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 9:38 pm

शुचि मन-भावन श्रावण आया आगत को लख हों पुलकित मन। अम्बर बादल चहुँदिशि छाया। दृश्य मनोहर बरसा-सावन।। कृषक मुदित मन[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

लाल टमाटर – मीरा सिंह “मीरा”लाल टमाटर – मीरा सिंह “मीरा”

0 Comments 9:35 pm

लाल टमाटर छिपें कहां हो दिखते क्यों ना आज यहां हो। अभी अभी तो आएं थे तुम हाथ हिलाते चले[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
M S HUSSAIN

भिखारी ठाकुर – एम० एस० हुसैन कैमूरीभिखारी ठाकुर – एम० एस० हुसैन कैमूरी

0 Comments 9:32 pm

18 दिसंबर सन् 1887 के जन्म भईल सारण जिला के कुतुबपुर प्यारा सा गांव भोजपुरी के जे देहलस दुनियां में[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Devkant

दोहा – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहा – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 2:19 pm

दीप जलाकर ज्ञान का, करिए गुरु का गान। चरण शरण रहकर सदा, तजिए निज अभिमान।। गुरुवर प्रतिदिन शिष्य को, देते[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Nitu Rani

वन महोत्सव – नीतू रानीवन महोत्सव – नीतू रानी

0 Comments 8:35 pm

आओ बहना आओ हमसब मिल पेड़ लगाएँ, हरे- भरे पेड़ों के बीच वन महोत्सव मनाएँ, आओ बहना ——2। 🌳🌴🌲🌳🌴🌳 पर्यावरण[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jainendra

वर्षा रानी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’वर्षा रानी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 8:32 pm

वर्षा आई झमाझम, मोती गिरे छमाछम, किसानों के चेहरे पे खुशी की निशानी है। बिजली कड़क रही, घटाएं गरज रहीं,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Nitu Rani

गुरु पूर्णिमा – नीतू रानीगुरु पूर्णिमा – नीतू रानी

0 Comments 8:30 pm

गुरु पूर्णिमा पर गुरु को है शत् -शत् बार प्रणाम, जबतक सूरज चाँद रहेगा अमर रहेगा गुरु का नाम। गुरु[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
suresh kumar gaurav

सात्त्विक मास सावन – सुरेश कुमार गौरवसात्त्विक मास सावन – सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 4:35 pm

आया सावन मास तन-मन में, मानो हरियाली सी छाई, जागा उमंग-तरंग,और वर्षा रानी भी, खुशियाली लाई। सावन मास में नर-नारी,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jainendra

पानी से जिंदगानी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’पानी से जिंदगानी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 4:26 pm

बरखा के आस करके थकलय नयनमा,किसनमा। कि खेतिए पर निर्भर हय सबके परनमा किसनमा।। जेठ, बैसाख बितल, बितलय असढ़वा, बिना[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें