बदल गया भई ज़माना है, समय सही वही पुराना है। बदल गए सभी रिश्ते-नाते, बिखर गया बड़ा घराना है। परत[...]
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Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
करै छी हम नाच – नीतू रानीकरै छी हम नाच – नीतू रानी
मिशन दक्ष मिशन दक्ष में पढबै छी हम, बच्चा केवल पाँच , खुशी सेअ करै छी हम नाच । बच्चा[...]
बचपन – सुधीर कुमारबचपन – सुधीर कुमार
सजल मात्रा – 14 समांत – आया पदांत — बचपन मोबाइल खाया बचपन । क्यों ऐसा लाया बचपन ? सब[...]
नौ से पाँच – नीतू रानीनौ से पाँच – नीतू रानी
नौ से पाँच हुआ स्कूल रोज करते हैं सात -आठ पार पूल, जाते आते हैं आॅटो बस से चाहे स्कूल[...]
समय है गतिमान – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’समय है गतिमान – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
नश्वर दुनिया में है धर्म केवल शाश्वत, लोभ-मोह छोड़कर, नित्य करें प्रेमदान। जगत पिता से यहां कुछ भी है छिपा[...]
छिन गया बचपन- एस.के.पूनमछिन गया बचपन- एस.के.पूनम
एक था नन्हा बालक, छिन गया जिसका बचपन, जो पार किया था अभी, उम्र का आठवां सावन। अपने पिता को[...]
युगपुरुष- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”युगपुरुष- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”
जीवन में कुछ करना है तो, आलस को तजना होगा। बगैर रुके और बिना थके,नित्य तुम्हें चलना होगा।। सपने[...]
गीत – सुधीर कुमारगीत – सुधीर कुमार
सबको मिलकर लड़ना होगा। हरदम आगे बढ़ना होगा ।। महँगाई से लड़ना है अब , जिसने लूटा चैन सभी का[...]
दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
पावन कार्तिक मास में, करें छठी का ध्यान। गुणवंती करुणामयी, महिमा बड़ी महान।। जग की आत्मा सूर्य को, करें नित्य[...]
छठ पर्व – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’छठ पर्व – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
विद्या:- मनहरण घनाक्षरी छंद छठ व्रती आस रख, मन में विश्वास रख, खुद निराहार रह, करते हैं खरना। शाम-सुबह सूर्य[...]
