इम्तिहान ललिता अपनी परीक्षा की तैयारी कर रही थी,और साथ ही उसकी सच्ची दोस्त साहिदा उससे कुछ प्रश्न पूछ रही[...]
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Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
सिहर उठता हूँ देखकर –सिहर उठता हूँ देखकर –
अब ये दुनियाँ -दुनियाँ न रहा, सिहर उठता हूँ इस दुनियाँ को देखकर। इस दुनियाँ में हो रहे चोरी डकैती[...]
दहेज रूपी दानव – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’दहेज रूपी दानव – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
देश से विदेश तक, धरती अम्बर तक, सभी जगह बेटियां , छोड़ रही आज छाप। बेटियों को बेटा मान,लालन पालन[...]
दहेज – एस.के.पूनमदहेज – एस.के.पूनम
नन्ही परी आज आई, घर में खुशियां लाई, आँगन में किलकारी,गूंज रही सरेआम। नूतन विचारों संग, छू ली आसमानी रंग,[...]
दोहा – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहा – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
रिश्ता हो कायम सदा, भरते रहें मिठास। अपनेपन का भाव रख, करिए सुखद उजास।। ईश-याचना नित करें, रखें न कपट[...]
दोहा – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहा – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
भूप जनक के बाग में, आए राजकुमार। दिव्य मनोहर वृक्ष से, मुग्ध नयन अभिसार।। नव किसलय नव पुष्प से, हर्षित[...]
रुपघनाक्षरी – एस.के.पूनमरुपघनाक्षरी – एस.के.पूनम
सरयू के तट पर, सीताराम बैठ कर, मांझी की प्रतीक्षा कर,भक्तों का बढ़ाये मान। थाल में निर्मल जल, दृगों से[...]
मनहरण घनाक्षरी – एस.के.पूनममनहरण घनाक्षरी – एस.के.पूनम
रुपहली आभा संग, लिए हुए लाल रंग, उदित है प्रभाकर,प्रवेश उजास का । हर्षित हो वसुंधरा, इठलाते झूमे भौंरा, हरियाली[...]
मुंह का निवाला – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’मुंह का निवाला – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
मुंह का निवाला गरीबों को दुनिया में, सिर पर छत नहीं, हमेशा अभाव में ही कटता जीवन है। थक जाती[...]
विशुद्ध हो सटता – एस.के.पूनमविशुद्ध हो सटता – एस.के.पूनम
🙏कृष्णाय नमः🙏 विधा:-मनहरण (विशुद्ध हो सटता) घर-बार छोड़ कर, करते हैं योग ध्यान, बिछा हुआ भ्रम जाल,काटे नहीं कटता। आदान-प्रदान[...]
