Category: padyapankaj

Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.

Amarnath Trivedi

कर्त्तव्य बोध -अमरनाथ त्रिवेदीकर्त्तव्य बोध -अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:33 pm

पुरातन से ओजस्विता लिए , विचरण हम जब – जब करते हैं । सत्य -दृढ़ अनुशीलन पर , तब मार्ग[...]

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Jaykrishna

आज वीरान क्यों है- जयकृष्णा पासवानआज वीरान क्यों है- जयकृष्णा पासवान

0 Comments 12:07 pm

आज धरती पर आसमां, वीरान क्यों है। चांद और सितारे, भी तो वहीं है। मगर हवा की सुर्खियां, इतना परेशान[...]

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Jaykrishna

ठ्काय गेला- जयकृष्णा पासवानठ्काय गेला- जयकृष्णा पासवान

0 Comments 8:59 pm

अंगिका आज को दिन कहिन्ह, उदास लागैय छै । वार-वार हमरा कहिन्ह, प्यास लागैय छै ।। ग़रीबी के पसीना हम्म,[...]

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Jainendra

मनहरण घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद रविमनहरण घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 9:00 pm

टूटे रिश्ते जिंदगी गुजर जाती, यहां रिश्ते बनाने में, गाँठ पड़ जाते यदि, टूटे-रिश्ते जुड़ते। खूब मजबूत रखें , संबंधों[...]

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Ashmaja Priyadarshini

मुस्कान- अश्मजा प्रियदर्शिनीमुस्कान- अश्मजा प्रियदर्शिनी

1 Comment 8:59 pm

निराश ह्रदय कुंठित काया को हर्षित करे खिल जाता जीवन बगिया अनूप । मिल जाती खुशियाँ अपार न होता विषम[...]

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Jaykrishna

सुबह-शाम लिख दिया- जयकृष्णा पासवानसुबह-शाम लिख दिया- जयकृष्णा पासवान

0 Comments 8:36 pm

मैं जमीं हूं तो वो, आसमां है मेरा । हर फिजाओं की रवानी पर, नाम लिख दिया।। इत्र बनके खुशबू[...]

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Amarnath Trivedi

सर्दियों में -अमरनाथ त्रिवेदीसर्दियों में -अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 9:03 pm

इन सर्दियों में ,गरीबों की रौनक रसहीन हो जाती है । सर्द थपेड़ों से जीना मुहाल हो जाती है ।[...]

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Jaykrishna

घरों म कचकचो- जयकृष्ण पासवानघरों म कचकचो- जयकृष्ण पासवान

0 Comments 9:01 pm

कत्ह जतन स पाललकै पोसलकैय । पढ़ाय लिखाय करि जमीनों गमैलकैय ।। घर बसाय क बाबू करैय छौ किचकिचो ।[...]

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