तन की पीड़ा भूल चुका पर , मन की पीड़ा भुला न पाया । सेवा अवसर आने पर भी ,[...]
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Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
जीवन मूल्य- अमरनाथ त्रिवेदीजीवन मूल्य- अमरनाथ त्रिवेदी
संसार यदि बदलना हो तो , पहले हमें बदलना होगा । छल -प्रपंच सहित मनुज को , जीवन मूल्य बदलना[...]
प्रतीक्षा-जय कृष्णा पासवानप्रतीक्षा-जय कृष्णा पासवान
आंखों की रोशनी भी, जुगनू बन-कर देखता रहा । समंदर से मोती भी गोता लगाकर निकालता रहा ।। कोई फरियाद[...]
विज्ञापन अंतिम संस्कार का- संजय कुमारविज्ञापन अंतिम संस्कार का- संजय कुमार
ऐड देख कर खुश मैं होऊँ या आँखें भर भर मैं रोऊँ। खोया जिसके लिए था सब कुछ हुआ वही[...]
शरद्ऋतु- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’शरद्ऋतु- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
सूरज दादा शांत पड़े हैं जाड़े ऋतु से डरकर, सीना तान खड़ा हुआ शरद्ऋतु जब तनकर। चाय-कॉफी सबका मन भाए,[...]
चालाक नहीं- अमरनाथ त्रिवेदीचालाक नहीं- अमरनाथ त्रिवेदी
चालाक नही ; बुद्धिमान बनो , कर्मवान बनो ; द्युतिमान बनो । अपमान नही ; सम्मान करो , सबका हित[...]
दोहे- अमरनाथ त्रिवेदीदोहे- अमरनाथ त्रिवेदी
जीव न काटे काल को ; कालहि काटे जीव , दुनिया ऐसी सिमट गई , पड़ा द्वंद्व में जीव ।[...]
जिंदगी का सफ़र- जयकृष्णा पासवानजिंदगी का सफ़र- जयकृष्णा पासवान
घटा बनके मस्त गगन में, कजरी संग झूम जाता है। “राहों के मुसाफिर” यादों में बहकर।। सपनों का ख़्वाब सजाता[...]
मनहरण घनाक्षरी- एस.के.पूनममनहरण घनाक्षरी- एस.के.पूनम
सजी-धजी है वादियां,रंग-बिरंगे फूलों से, गुलाबों की पंखुड़ियां,बिखेरी सुगंध है। देव उतरे बागों में,शीश झुकाए खड़े हैं, भींगी-भींगी अँखियाँ,खुशियाँ अगाध[...]
मनहरण घनाक्षरी-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’मनहरण घनाक्षरी-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
पक्षियों ने पंख खोला,उड़ने से डाल डोला, सुगंधित मंद-मंद , बहता पवन है। सरसों के फूल खिले, खेत दिखे पीले-पीले,[...]
