संसार में समय एक सा रहता नहीं है सदा, आज जहाँ उत्सव- काल है कल वहाँ शोकाकुल होगा, आज जहाँ[...]
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Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
रिश्ते – धीरज कुमाररिश्ते – धीरज कुमार
हर किसी से सीधा रिश्ता किसी का जुड़ा है नही। हर किसी के लिए सीधे जुड़ कर रिश्ते बनाते हैं[...]
मेरी दिवाली – संजय कुमारमेरी दिवाली – संजय कुमार
दूर खड़ा मुस्कान लिए वह फुलझड़ियों की दुकानों पे छोटी सी अंजुलि में उसको कुछ सिक्के गिनते देखा था गहरी[...]
दीप जले – अशोक कुमारदीप जले – अशोक कुमार
दीप जले दीप जले, घर आंगन दीप जले| चारों तरफ खुशियां है छाई, दीपों का त्योहार आई|| वीर सपूतों के[...]
आओ मन का अंधकार मिटाए – संजय कुमारआओ मन का अंधकार मिटाए – संजय कुमार
आओ मन का अंधकार मिटाए, प्रेम भाव का एक दीप जलाएं। कद्र करें सबकी भावनाओं का, वैर और आपसी रंजिश[...]
लावणी छंद – सुधीर कुमारलावणी छंद – सुधीर कुमार
मात्रा — ३० यति – १६,१४ —————– मन के अंदर दीप जला लो , आओ आज दिवाली में । खुशियों[...]
दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्यदोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य
आत्म ज्योति ज्ञानाज्य से, करें दीप्तिमय आज। लेकर नव संकल्प से, रखिए सुखी समाज।। भाव हमेशा उच्च रख, करिए प्रभु[...]
जगमग जोत जले – मनु कुमारीजगमग जोत जले – मनु कुमारी
जगमग जोत जले। सत्य का दीप ,प्रेम का बाती, हर घट जोत जले। ईर्ष्या द्वेश का भाव ना आए, मैत्री[...]
आँगन के फूल – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’आँगन के फूल – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
जग के आंखों के हैं तारे ये आँगन के फूल हमारे, इनके आगे फीका लगता है नील गगन के चांद[...]
दीपावली का संदेश – जैनेन्द्र प्रसाद रविदीपावली का संदेश – जैनेन्द्र प्रसाद रवि
दीपावली का संदेश ****** बच्चों अबकी दीवाली में फुलझड़ियों से मुंह मोड़ो। दुनिया की भलाई के खातिर तुम पटाखा मत[...]
