Category: padyapankaj

Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.

Jainendra

वर्षा की बूंदे – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’वर्षा की बूंदे – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:06 pm

मनहरण बाल घनाक्षरी “””””””””””””””””””””””” टप – टप गिरे ऐसे, लगता है मोती जैसे, नभ से वर्षा की बूंदे रिमझिम बरसे।[...]

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Jainendra

रावण दहन – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’रावण दहन – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 4:46 pm

अपने अंतर्मन का, रावण दहन करें, लोभ-मोह, दर्प-मान बड़ा ही दानव है। दूसरों से बैर भाव, मानवता का अभाव, क्षुद्र[...]

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Jainendra

भजन – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’भजन – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 8:25 pm

तोहर माथे में मुकुट गले हार सोहे ला, माई दसों हाथ तोहर हथियार सोहे ला। कर में कंगन सोहे भाल[...]

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Nitu Rani

सुनियौ अरज ओहिना – नीतू रानीसुनियौ अरज ओहिना – नीतू रानी

0 Comments 8:18 pm

भगवती गीत सुनियौ अरज ओहिना अरज ओहिना अरज ओहिना हे जननी सुनियौ अरज ओहिना, बच्चा केअ माता सुनैये जहिना—2 सुनियौ[...]

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Nitu Rani

माता रानी- नीतू रानीमाता रानी- नीतू रानी

0 Comments 5:26 pm

गज चढ़ी अहाँ एलौं हे माता रानी, जेती गज चढ़ी भगवती। माँ हँसति खल-खल दाँत झल-झल, रुप सुन्दर भगवती। गज[...]

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Ruchika

बेटियाँ जरूरी होती हैं – रूचिकाबेटियाँ जरूरी होती हैं – रूचिका

0 Comments 10:25 am

धरा की खूबसूरती और बढ़ाने के लिए, रिश्तों को प्रेम रंग में सजाने के लिए, बेटी,बहन,पत्नी,प्रेमिका मॉं ,फुआ, रिश्तों के[...]

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Devkant

बेटी -देव कांत मिश्र ‘दिव्य’बेटी -देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 10:21 pm

ममता बड़ी प्यारी है, समता बड़ी न्यारी है, बेटी ही तो बनती माँ, माँ की परछाईं है। मानवता की जान[...]

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Snehlata

मेरी बेटियां -डॉ स्नेहलता द्विवेदीमेरी बेटियां -डॉ स्नेहलता द्विवेदी

0 Comments 6:01 pm

मेरी बेटियां! मेरी प्रतिरूप, मैं बसती हूं उनमें, अंतस्त बिल्कुल अंदर, आद्यो पांत सर्वांग, प्राण वायु की तरह। मेरी बेटियां![...]

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M S Husain

बेटी तो घर की आन है – एम० एस० हुसैन “कैमूरी”बेटी तो घर की आन है – एम० एस० हुसैन “कैमूरी”

0 Comments 5:53 pm

बेटीयां तो घर की आन है बाप की अनुपम पहचान है जो समझता है बेटी को बोझ वह तो सबसे[...]

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