चलो चलें स्कूल की ओर-विजय सिंह “नीलकण्ठ”

चलो चलें स्कूल की ओर जागो बच्चो हो गई भोर चिड़ियाँ मचा रही है शोर जल्दी-जल्दी तैयार होकर चलो चलें स्कूल की ओर। बैग में सभी किताबें रख लो साथ…

गुरु हैं जग के सोपान-अश्मजा प्रियदर्शिनी

गुरु हैं जग के सोपान गुरुवर के सानिध्य में बनते हम महान न रहते नादान, देते आशिष बनाते सुल्तान गुरूवर देते हमें अनुपम सकल ज्ञान हमारी नादानी का करते निदान…

हाँ गर्व है मुझे-रानी कुमारी

हाँ गर्व है मुझे गर्व है यहाँ के मौसम पर पछुआ-पुरवाई हवाओं पर पर्वत-पहाड़ों, मरुभूमि-मैदानों पर नदी, तालाब, सागर व झीलों पर। गर्व है घाटी के केसर और रेशमी धागों…