संरक्षण माता के संरक्षण में छोटे बच्चे पलते हैं तो पिताजी के संरक्षण में बच्चे अनुशासित बनते हैं। शिक्षक गण के संरक्षण में शिक्षा की ज्योति जलाते हैं फिर गुरुजी…
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Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
बाल मजदूर विरोध-अश्मजा प्रियदर्शिनी
बाल मजदूर विरोध अपने बचपन को खोता कितना वह लाचार मलिन सी काया, दुर्बल छवि, जीर्ण-शीर्ण आकार अत्यंत आवश्यक प्यासे को पानी भूखे को आहार मांसाहार नहीं, उसे भोजन मिल…
बचपन का वो जमाना-एम एस हुसैन
बचपन का वो जमाना आता है याद मुझको बचपन का वो ज़माना । कॉपी किताब लेकर घर से स्कूल जाना ।। उस वक्त की शोखियाँ भी थी अजब निराली ।…
जनसंख्या-अश्मजा प्रियदर्शिनी
जनसंख्या एक अरब सैतिश करोड़ की जनसंख्या वाला है हमारा नेशन 17.64 के दर से बढ रहा पोपूलेशन दिन दूनी, रात चौगुनी विकट हो रहा सिचुएशन वर्तमान दृश्य ऐसा है…
वृक्ष है संजीवनी-अश्मजा प्रियदर्शिनी
वृक्ष है संजीवनी वृक्ष है संजीवनी हमारी वसुंधरा की हैं शान धरती को स्वर्ग बनाते, जैसे ईश्वर का वरदान प्राणवायु देते भरते हर जीव-जन्तु में जान वृक्षों की शाखाओं पर…
धरती माँ-सूर्य प्रकाश
धरती माँ धरती माँ है बड़ी महान, सबको मानती अपनी संतान I कष्ट हजारों सहती है, हमसे कुछ ना कहती हैं। लालन पालन करती है माँ, पेट हमारा भरती है…
मोक्ष की प्रतिक्षा-अवनीश कुमार
मोक्ष की प्रतीक्षा थक जाता जब मानव का तन मन ईश्वर से मोक्ष दिलाने को करता नमन लेकिन आत्मा है उसे पुकारती, उसे धिक्कारती क्या चलने के पहले कुछ…
राखी का त्योहार- अश्मजा प्रियदर्शिनी
राखी का त्योहार सावन में इन्द्रधनुषी रंग है राखी का त्योहार सप्त ऋषियों के ज्ञान को समेटे राखी का त्योहार सप्त तुरंग की दौड़ हैं जैसे राखी का त्योहार फूलों…
चलो चलें स्कूल की ओर-विजय सिंह “नीलकण्ठ”
चलो चलें स्कूल की ओर जागो बच्चो हो गई भोर चिड़ियाँ मचा रही है शोर जल्दी-जल्दी तैयार होकर चलो चलें स्कूल की ओर। बैग में सभी किताबें रख लो साथ…
मानव जीवन-देव कांत मिश्र
मानव जीवन मानव जीवन बड़ा धन्य है इसे हम बताते चलें। अपने सत्कर्मों से नित इसे हम सजाते चलें।। देखो! बड़े भाग से मिला यह सुन्दर मानुष तन। अपने शुभ…