खुद ही राह बनाओ – अमरनाथ त्रिवेदी

जमाना    सुनता      सबकी   बातें , सोच  समझ   करता  निज    मन  की । बनेगी   पहचान  तो   तभी   उसे   ही  ,   निकलेगी बात  ज़ब  उसके  दिल  की । कदम – कदम   पर     मिलती    नसीहत   मिलते  साथ   देनेवाले     मुश्किल  से ।   इतनी  भलमनसाहत – उतनी    शराफत ,   न  रहता      सभी   के  सच्चे   दिल   से ।…

हिल-मिल जाइए-राम किशोर पाठक 

आज हुआ है तमस घनेरा, दीप जलाइए। फैलाकर उजियारा जग का, मित्र कहाइए।। स्वार्थ भावना को तजने से, खोते कुछ नहीं। करना क्योंकर तेरा मेरा, हिल-मिल जाइए।। दुनिया की दस्तूर…

गणेश- कहमुकरी – राम किशोर पाठक

गणेश- कहमुकरी पेट बड़ा हर-पल दिखलाता। लड्डू झट-पट चट कर जाता।। मोहित करता सुनहरा केश। क्या सखि? साजन! न सखी! गणेश।।०१।। छोटे-छोटे काले नैना। हर लेते मेरे चित चैना।। देता…

शिक्षा और समाज – नीतू रानी

शिक्षा और समाज बिना शिक्षा के मिटै न अंधकार। शिक्षा से समाज का होता अधिक विकास, पढ़-लिखकर शिक्षित होंगे हमारे देश के सभी समाज। हमारे समाज में बच्चे, बूढ़े, नर-…

रूपघनाक्षरी – शृंगार – एस.के.पूनम

ऊँ कृष्णाय नमः विधा:-रूपघनाक्षरी। विषय:-शृंगार। उठती हैं सागर में, तरंगें हजारों बार, सिन्धु करे जल राशि,से शृंगार बार-बार। केवट है नैया पर, गाते गीत मलहार, झूम रहे संगी-साथी,पहुँचे हैं उस…

जुआ-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ 

छल सुयोधन संग लेकर,चल पड़ा दरबार में। माॅंगना है जो नियोजित,शेष अगली बार में।। पास राजा के पहुॅंचकर,चाल वैसी ही चली। दाव का विश्वास पाकर,ढाल संगत ही ढली।। हर्ष का…

ठंड का प्रभाव-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

तापमान गिरने से मौसम बदलने से *धीरे-धीरे ठंडक का, बढ़ता प्रभाव है।* पंछियाँ तो घोसले में- रहतीं दुबककर, *पशु छिप कर खुद, करते बचाव हैं।* अमीरों को हीटर व- गीजर…