कुछ तो सोच समझ ले प्राणी। निकले जब भी मुख से वाणी।। निज पर इतना अभिमान न कर। अपना इतना[...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
होली-कहमुकरी- राम किशोर पाठकहोली-कहमुकरी- राम किशोर पाठक
उसके आते नर्तन करती। मन में नव भावों को गढ़ती।। बहकाए वह मेरी बोली। क्या सखि? साजन! न सखी! होली।।०१।।[...]
महिला सशक्तिकरण-राम किशोर पाठकमहिला सशक्तिकरण-राम किशोर पाठक
नारी के सम्मान की, आज लगी है होड़। पुरुष बिचारा कर रहा, घर-बाहर कर-जोड़।। घर-बाहर कर-जोड़, करे दिल को समझाए।[...]
रसधार है नारी-अर्जुन प्रभातरसधार है नारी-अर्जुन प्रभात
प्रकृति की कल्पना कोमल, मधुर रस धार है नारी। नहीं नर से कहीं कम ,सृष्टि का श्रृंगार है नारी ।।[...]
नारी- राम किशोर पाठकनारी- राम किशोर पाठक
नारी का सम्मान, हमें संस्कृति सिखलाती। जीवन की हर राह, हमें नारी ही दिखलाती।। देती जब यह जन्म, दुग्ध से[...]
देवी अवतारी -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’देवी अवतारी -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
संसार की माता बन संतानों को पालती हैं, सृष्टि की कीमती रत्न, दुनिया में नारी है। घर हो या राजनीति [...]
करूणा की धारा – मनु कुमारीकरूणा की धारा – मनु कुमारी
ममता की मूरत है वो, करूणा की निर्मल धारा है। मां ,बहन ,पत्नी ,सखी रूप में,रिश्तों की बगिया को संवारा[...]
बस इतना देना-मधु कुमारीबस इतना देना-मधु कुमारी
सृष्टि के निर्माण में जो साझेदारी कर सकती है अपना छोड़ जो सबकी हितकारी बन सकती है जो हंसकर अपमान[...]
वंदनीय होता है हर-पल, नारी का हर रूप-राम किशोर पाठकवंदनीय होता है हर-पल, नारी का हर रूप-राम किशोर पाठक
वंदनीय होता है हर-पल, नारी का हर रूप। उसके सारे रूप निराले, लगते बड़े अनूप।। धीरज धरती सा रखती हैं,[...]
नारी एक”कल्पना”- बिंदु अग्रवालनारी एक”कल्पना”- बिंदु अग्रवाल
हाँ !मैं कल्पना हूँ उस परमपिता परमेश्वर की, जिसने मुझे यह स्वरूप दिया, साथ ही दिया एक कोमल हृदय। सहनशक्ति[...]
