सपने लेकर वर्षा आई- गीतिका सपने लेकर वर्षा आई। जीवन की बगिया मुस्काई।। हरी चुनरिया ओढ़ी धरती। तरुवर में आई[...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
मंजिल तुझे पुकारे – दिग्पाल छंद बाल गीत – राम किशोर पाठकमंजिल तुझे पुकारे – दिग्पाल छंद बाल गीत – राम किशोर पाठक
मंजिल तुझे पुकारे – दिग्पाल छंद बाल गीत बच्चों कभी न रोना, हिम्मत कभी न खोना। मंजिल तुझे पुकारे, थककर[...]
विद्यालय में आओ – ध्रुव छंद – राम किशोर पाठकविद्यालय में आओ – ध्रुव छंद – राम किशोर पाठक
विद्यालय में आओ – ध्रुव छंद विद्यालय में आओ, लेने ज्ञान। करते रहते गुरुजन, दिशा प्रदान।। नित्य नया कुछ सीखें,[...]
शिक्षा – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’शिक्षा – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
शिक्षा शिक्षा का सरोकार ज़ब बाजार बन गया , इंसान जो इंसान था बेईमान बन गया। आ जाओ जरा झाँक[...]
काले रंग में छिपा उजासकाले रंग में छिपा उजास
काले रंग में छिपा उजास Hidden Light in the Black Colour…… काला है, फिर भी खाली नहीं, हर रेखा में[...]
देवभाषा संस्कृत – अमरनाथ त्रिवेदीदेवभाषा संस्कृत – अमरनाथ त्रिवेदी
देवभाषा संस्कृत उन्नति हो नित देवभाषा की , हो तब नित जीवन की आस । प्रेम , सद्भाव , विश्वास[...]
फिर संस्कृत अपनाइए – दोहावली – राम किशोर पाठकफिर संस्कृत अपनाइए – दोहावली – राम किशोर पाठक
फिर संस्कृत अपनाइए – दोहावली फिर संस्कृत अपनाइए, यह संस्कृति की जान। इस भाषा के अन्त: में, भरा पड़ा विज्ञान।।१।।[...]
संस्कृत वह शिक्षण की भाषा – अमरनाथ त्रिवेदीसंस्कृत वह शिक्षण की भाषा – अमरनाथ त्रिवेदी
संस्कृत वह शिक्षण की भाषा संस्कृत इतनी सरल , सहज भाषा , उच्चारण मात्र से देव समक्ष हम पाते हैं[...]
संस्कृतम् अहं पठामि – राम किशोर पाठकसंस्कृतम् अहं पठामि – राम किशोर पाठक
संस्कृतम् अहं पठामि भाषायाम् जननी अहं नमामि। सखे! संस्कृतम् अहं पठामि।। ज्ञानं वा विज्ञानं वा सर्वे इव धार्यते। मानवोत्थानाय सुकृतं[...]
लाख दुआएँ देती है – राम किशोर पाठकलाख दुआएँ देती है – राम किशोर पाठक
लाख दुआएँ देती है भूल अगर हो जाती हमसे, नौ दो ग्यारह भी हो जाते। दौड़ धूप हम इतना करते,[...]
