शान माटी देश की। मान है परिवेश की।। भूख से यह त्राण दे। दिव्यता कल्याण दे।। है उगल सोना रही। गर्व है भरती यही।। शीश पर धारण करें। राष्ट्र का…
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
जागृति शंख बजाएँगे हम-नीतू रानी
भारत को शिक्षित बनाएँगे हम, बदलेंगे जमाना। शिक्षा ग्रहण करना ध्रुव सा अटल है काया की रग -रग में शिक्षा का बल है , शिक्षा की रौशनी फैलाएँगे हम बदलेंगे…
डायरिया से डर नही-नीतू रानी
डायरिया से डर नही, अब डायरिया से कोई जाएगा मर नही। डायरिया का मतलब स्वच्छ और साफ, कभी न आएगा डायरिया का बाप। अगल- बगल की करो सफाई, न खाना…
मानव अब मानव न रहा- मोहम्मद आसिफ इकबाल
मानव अब मानव न रहा, ये विकराल रूप दानव का है। जानवर ने जो छोड़ दिया वही काम अब मानव का है। बर्ताव ऐसा करते हैं कि देखे न सुहाय,…
वही है भारत देश हमारा-सत्यम कुमार
जहाँ महात्मा गांँधी का महात्म्य जहाँ वीर भगत ने रचा शौर्य का इतिहास, जहाँ बहती है गंगा की निर्मल धारा वही है भारत देश हमारा। जहाँ भगवान बुद्ध ने पाया…
कुत्ते पाल रहे-नीतू रानी
लोग माता -पिता को अपने घर में दुत्कार रहे , खरीद कर लाए शौक से कुत्ते पाल रहे। माता- पिता को समय पर नही देते खाना, कुत्ते को अच्छा खाना…
तुम चलो तो सही-अमृता कुमारी
सारी नाउम्मीदी, उलझनों, चिंताओं को किनारे रखकर, एक बार उठो तो सही! पता है कि रास्ते में आती हैं मुश्किलें हजार कोई बात नहीं; घबराना, रुकना या…
फाग क्या होती अम्मा बोल-राम किशोर पाठक
बजाते हैं सब देखो ढोल। फाग क्या होती अम्मा बोल।। सभी जो करते हैं हुड़दंग। तभी तो जो जाता हूँ तंग।। सभी के ऐसे होते ढंग। देखकर आता हमें उमंग।।…
बसंत की बहार- मुन्नी कुमारी
बसंत की बहार है, वर्षा की फुहार है। रंगों का त्योहार है, आया खुशियों का बौछार है। सूरज की किरणे सारी, कोयल की कूक प्यारी। भँवरे की राग न्यारी, गीतो…
पैगाम – राम किशोर पाठक
दीवानों का हाल सुनाने, संग लिए अपने पैगाम। कुसुमाकर है दौड़ा आया, बैठे हम अपना चित थाम। रंग-गुलाल हवा है मिलकर, लगा रहा सबको है रंग। मंद-मंद वह छूकर सबको,…