Category: sandeshparak

Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.

Kartik Kumar

प्रणाम सर-कार्तिक कुमारप्रणाम सर-कार्तिक कुमार

0 Comments 6:03 pm

प्रणाम सर! — खुश रहो बच्चा, जीवन में तुम आगे बढ़ना। पढ़ाई करो अच्छा-अच्छा, ज्ञान का दीपक सदा जलाना। काम[...]

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सेवाभावी की अभिलाषा – उमेश कुमार सिन्हा सेवाभावी की अभिलाषा – उमेश कुमार सिन्हा 

0 Comments 5:43 pm

नहीं चाहूँ स्वर्णिम वैभव का मुझ पर राजतिलक हो, नहीं चाहूँ यश का सूरज मेरे ही आँगन उदित हो। नहीं[...]

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बचपन की बारात – उमेश कुमार सिन्हा “निर्देशक”बचपन की बारात – उमेश कुमार सिन्हा “निर्देशक”

0 Comments 5:39 pm

एक-एक रुपया जोड़-जोड़कर गुल्लक अपनी भर लाई, दादी के घर बड़े जतन से मैंने एक गुड्डा बनवाई। नानी के घर[...]

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Kartik Kumar

 आध्यात्मिक दुखों का कोई सहारा नहीं  – कार्तिक कुमार आध्यात्मिक दुखों का कोई सहारा नहीं  – कार्तिक कुमार

0 Comments 7:39 pm

 आध्यात्मिक दुखों का कोई सहारा नहीं  – कार्तिक कुमार मन के भीतर उठता दुख, बाहर इसका उपचार नहीं। आध्यात्मिक पीड़ा[...]

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Kartik Kumar

 मेरा प्यारा खिलौना – कार्तिक कुमार मेरा प्यारा खिलौना – कार्तिक कुमार

0 Comments 7:33 pm

 मेरा प्यारा खिलौना – कार्तिक कुमार मेरा प्यारा खिलौना है, सबसे सुंदर, न्यारा है। लाल रंग की छोटी गाड़ी, चलती[...]

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Kartik Kumar

 मेरी गुड़िया की शादी है – कार्तिक कुमार मेरी गुड़िया की शादी है – कार्तिक कुमार

0 Comments 7:29 pm

 मेरी गुड़िया की शादी है – कार्तिक कुमार मेरी गुड़िया की शादी है, घर में आज खुशी ज्यादा है। गुड़िया[...]

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मेरी माँ वसुंधरा -उमेश कुमार सिन्हामेरी माँ वसुंधरा -उमेश कुमार सिन्हा

0 Comments 10:31 am

अपने आँचल में अथाह सागर समेटे, माथे पर शीतल चाँद सजाए। अपनी गोद में समस्त सृष्टि को बसाए, ओ! कोई[...]

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स्वतंत्रता का अमर प्रण -उमेश कुमार सिन्हास्वतंत्रता का अमर प्रण -उमेश कुमार सिन्हा

0 Comments 9:15 am

स्वतंत्रता-दिवस आया है, हर आँगन उल्लास समाया है। केसरिया, श्वेत, हरा तिरंगा, गर्व से नभ में लहराया है। ज्यों ही[...]

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