Category: sandeshparak

Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.

Kartik Kumar

हर घर तिरंगा-कार्तिक कुमारहर घर तिरंगा-कार्तिक कुमार

0 Comments 11:35 pm

हर घर तिरंगा लहराए, भारत माँ मुस्काए, जन-जन के मन में देशभक्ति, दीप नया जल जाए। केसरिया त्याग सिखाए, साहस[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Kartik Kumar

विद्यालय-कार्तिक कुमारविद्यालय-कार्तिक कुमार

0 Comments 9:01 am

विद्यालय ज्ञान का मंदिर है, भारत का यह सुंदर घर है। यहीं खिलते सपनों के फूल, यहीं बनते बच्चे अनमोल।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

स्वतंत्रता का अमर प्रण – उमेश कुमार सिन्हास्वतंत्रता का अमर प्रण – उमेश कुमार सिन्हा

0 Comments 8:50 am

स्वतंत्रता-दिवस आया है, हर आँगन उल्लास समाया है। केसरिया, श्वेत, हरा तिरंगा, गर्व से नभ में लहराया है। ज्यों ही[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

सेवाभावी की अभिलाषा -उमेश कुमार सिन्हासेवाभावी की अभिलाषा -उमेश कुमार सिन्हा

0 Comments 11:24 pm

नहीं चाहूँ स्वर्णिम वैभव का मुझ पर राजतिलक हो, नहीं चाहूँ यश का सूरज मेरे ही आँगन उदित हो। नहीं[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Kartik Kumar

सप्ताह के सात दिवस-कार्तिक कुमारसप्ताह के सात दिवस-कार्तिक कुमार

0 Comments 11:11 pm

Sunday – रविवार संडे रविदिन भानु प्रकाशा। जीवन भर दे ज्ञान सुपाशा॥ Monday – सोमवार मंडे सोम शशि शीतल छाया।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

नित्य राष्ट्र-हित रक्त बहेगा-राम किशोर पाठकनित्य राष्ट्र-हित रक्त बहेगा-राम किशोर पाठक

0 Comments 10:35 pm

सर्व श्रेष्ठ वह भक्ति लहेगा। नित्य राष्ट्र-हित रक्त बहेगा। शौर्य बोध अब गौन नहीं हो। वीर-धीर तुम मौन नहीं हो।।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें