क से कबूतर हम पढ़ते हैं, ख से खरगोश है, उजला – उजला, ग से गमला में पौधे लगाना, घ[...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
शिक्षक तुम सृजन हो-कार्तिक कुमारशिक्षक तुम सृजन हो-कार्तिक कुमार
शिक्षक तुम सृजन हो, ज्ञान की अमर निशानी हो, शिक्षक तुम विनाश की अकथ कहानी हो। अज्ञान के अंधेरों का[...]
“एक आह” – स्मिता ठाकुर“एक आह” – स्मिता ठाकुर
मन ने चाहा बस इतना, कोई अपना इतने पास रहे। दो मीठे से बोल कहे, थोड़ा-सा विश्वास रहे। लेकिन सूनी[...]
गाय-कार्तिक कुमारगाय-कार्तिक कुमार
गाय हमारी माता है, सबसे प्यारी, सबसे न्यारी। दूध, दही और घी देकर, करती जीवन की रखवाली। सीधी-सादी, शांत स्वभाव[...]
एक छोटा बच्चा था-कार्तिक कुमारएक छोटा बच्चा था-कार्तिक कुमार
एक छोटा बच्चा था, मन से बड़ा सच्चा था। नन्हे-नन्हे उसके सपने, आँखों में उजियारा था। मीठी उसकी प्यारी बोली,[...]
विजय पताका-बिंदु अग्रवालविजय पताका-बिंदु अग्रवाल
मेहनत करने वालों को मिलती मंज़िल की राहें। मंज़िल स्वागत-गान करे, फैलाकर अपनी बाँहें। जिसने अपना बना पसीना, लहू बहाया[...]
बिंदु अग्रवाल-ऐ लड़कियों सुनोबिंदु अग्रवाल-ऐ लड़कियों सुनो
ऐ लड़कियों सुनो…! तुम खुद अपनी पहचान बनो, तुम खुद अपना अरमान बनो, न ढूँढ़ो कहीं किनारा तुम, तुम खुद[...]
बेटियांँ- बाला छंद गीत वर्णिक राम किशोर पाठकबेटियांँ- बाला छंद गीत वर्णिक राम किशोर पाठक
बेटियांँ- बाला छंद गीत वर्णिक राम किशोर पाठक बेटियों को पड़ेगा बचाना। भेड़ियों से भरा है जमाना।। सृष्टि को जो[...]
मेरा किसान-संजीत कुमार निगममेरा किसान-संजीत कुमार निगम
जब मंडराने लगे आसमान में बादल काले-काले, कंधों पर कुदाल लिए खेतों की राह चले मतवाले। जब बरसने लगीं बूँदें[...]
डर-रूचिकाडर-रूचिका
अपने ही मन में पनपते कुछ ख़्याल, कुछ परिस्थितियां जन्म लेती, औऱ जन्म लेते कुछ विचार थाम लेते हमारे बढ़ते[...]
