Category: sandeshparak

Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.

Girindra Mohan Jha

खुद मनुष्य बन, औरों को मनुष्य बनाओ- गिरीन्द्र मोहन झाखुद मनुष्य बन, औरों को मनुष्य बनाओ- गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 5:57 pm

सदा कर्मनिष्ठ, सच्चरित्र, आत्मनिर्भर बनो तुम, जिस काम को करो तुम, उससे प्रेम करो तुम। नित नई ऊँचाई छूकर, सदा[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jainendra

कभी घबराना नहीं – जैनेन्द्र प्रसाद रविकभी घबराना नहीं – जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 5:44 pm

रूप घनाक्षरी छंद तूफानों में नाव डोले, कभी खाए हिचकोले, धारा बीच माँझी चले, थाम कर पतवार। अवसर आने पर,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Girindra Mohan Jha

भारत के प्राचीन ग्रंथ- गिरीन्द्र मोहन झाभारत के प्राचीन ग्रंथ- गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 5:33 pm

वेद-वेदान्त की है उक्ति यही, सदा बनो निर्भीक, कहो सोsहं , उपनिषद कहते हैं, ‘तत्त्वमसि’, तुम में ही है ‘ब्रह्म’,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Girindra Mohan Jha

सागर और नदी -गिरीन्द्र मोहन झासागर और नदी -गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 6:04 pm

सागर ने नदी से कहा- सरिते! लोग कहते हैं, तुम नदी समान बनो, चलो, निरंतर चलो, विघ्नों को लाँघकर, अनवरत[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Girindra Mohan Jha

किसने रोका है? – गिरीन्द्र मोहन झाकिसने रोका है? – गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 6:27 pm

किसने रोका है? अंधेरा घोर घना है, एक बत्ती जलाने से किसने रोका है? प्रदूषण बहुत ही है, एक पेड़[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

लक्ष्य और दिशा- गिरीन्द्र मोहन झालक्ष्य और दिशा- गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 3:02 pm

लक्ष्य से अधिक है दिशा महत्त्वपूर्ण, सही दिशा में सतत करते रहो प्रयास, यदि दिशा सही हो, तो तू अगर[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

माहवारी औरतों के लिए ईश्वरीय वरदान – नीतू रानीमाहवारी औरतों के लिए ईश्वरीय वरदान – नीतू रानी

0 Comments 7:36 am

ईश्वर ने दिया महिलाओं को यह सुंदर वरदान महिलाओं के लिए है यह आन- बान- शान जिसके चलते आज हर[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ratna Priya

शिक्षा के दीप- रत्ना प्रियाशिक्षा के दीप- रत्ना प्रिया

0 Comments 7:43 pm

पंचतत्व से निर्मित दिए में , स्नेह- घृत व बाती डालें। हम सब शिक्षक आगे बढ़कर ,नव-शिक्षा के दीप जला[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Awanish Kumar Avi

मेरे प्रश्नों के उत्तर- अवनीश कुमारमेरे प्रश्नों के उत्तर- अवनीश कुमार

0 Comments 5:08 pm

अम्मा तुम तो कहती है चाँद पर एक बुढ़िया जो है चरखा चलाती पर मुझे अम्मा क्यों ऐसा लगता चाँद[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Kumkum

मतदान अवश्य कीजिए – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”मतदान अवश्य कीजिए – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”

0 Comments 9:10 pm

लोकतंत्र का पावन पर्व, राय अपनी दीजिए। राष्ट्रहित में अवश्य अपना,अंश निश्चित कीजिए। बनिए मत सिर्फ मूक दर्शक, फैसला अब[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें